आज, 22 नवंबर, 2020 को ‘सुप्रभात भारत’ क्रम में 243वीं कड़ी लिख चुका हूं। यानि लॉक डाउन (25.3.2020) से लेकर हर सुबह का पहला ट्वीट…

पीपीई से सुसज्जित स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा ‘सेनीटाइज़िंग’ के नाम पर जानवरों की तरह झुंडों में बैठा कर मजदूरों (Labour) मतलब जीवित इन्सानों पर स्प्रे पम्पों…

मेरे घर के सामने दरिया-ए-ब्यास के उस पार जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा, अतिक्रमणकारियों के क्रूर चंगुल से बचा हुआ है। जहां शायद कभी…

दिल्‍ली में अब दुकानों को खोलने पर संशय समाप्त हो गया है। अब देश की राजधानी में भी स्टैंड अलोन की दुकानें, गली मोहल्ले या…