कर्नाटक सरकार के 1000 स्कूलों को कन्नड़ के बजाय अंग्रेज़ी माध्यम बनाने के निर्णय का कन्नड़ लेखकों और बुद्धिजीवियों ने विरोध किया है। जो सही…
देश में राष्ट्रवाद उफान पर है जिसका एक उदाहरण ‘असम’ और ‘एनआरसी’ है। विषय चिंतन और चिंता का है। इस विषय में ‘सद्प्रयास’ जनवरी, 2003…
इसे सांस्कृतिक ‘पुनर्जागरण’ कहें या कि ‘समर्पण’, लाहौल के तांदी में चन्द्रा और भागा नदियों के संगम स्थल पर पिछले दो सालों से मनाया जाने…
‘पत्थल गढ़ी’, केंद्रीय भारत के आदिवासियों क्षेत्रों में प्रचलित एक पुरानी प्रथा है जिसमें आदिवासी लोग पत्थर या शिला को अंकित करके ज़मीन पर गाड़ते…
भीमा कोरेगांव से उठे तूफान का तात्कालिक कारण है पुणे से 30 किलोमीटर दूर बुधु बुद्रक गांव में 29 दिसंबर को घटी एक घटना। बताया…
9 अक्तूबर, 2017 के दिन ‘ट्रावणकोर देवस्वम बोर्ड’ जिसे केरल सरकार के खर्चे पर चलाया जाता है, ने बोर्ड के मंदिरों के लिए 62 पुजारियों…
बौद्ध विधा संरक्षण सभा, जिस्पा के अध्यक्ष डॉ. टशी पलजोर के आमंत्रण पर, ज़िला किन्नौर के मुख्यालय, रिकांगपिओ में बौद्ध जगत में खुनु लामा, नेगी…
ठोलंग गांव से हैं 15 आईएएस अधिकारी, चार साल में 300 युवा सेना में भर्ती, लाहौल-स्पिती में पहली बार हुई सेना भर्ती रैली। ये हैं…
अस्तित्व के लिए किये जाने वाले संघर्ष के एक अभिन्न अंग के रूप की जाने वाली लाहौल से कुल्लू की यात्रा का वृतांत पहले दे…
‘कलम की ताकत से तलवार की ताकत से अधिक है’, ‘पेन इज़ मईटियर देन द स्वोर्ड’ जैसे कलम व लेखन की प्रशंसा के लिए प्रयुक्त…