नई दिल्ली: भारत ने अपनी पहली स्वदेशी मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) मशीन विकसित कर ली है, जिसे अक्टूबर 2025 तक AIIMS दिल्ली में परीक्षण के लिए स्थापित किया जाएगा। यह उपलब्धि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

क्या है खास इस MRI मशीन में?

🔹 यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित MRI मशीन है।
🔹 इसके निर्माण से महंगे आयात पर निर्भरता कम होगी और MRI स्कैनिंग की लागत भी घट सकती है।
🔹 भारतीय चिकित्सा क्षेत्र में यह एक नई क्रांति लाने की क्षमता रखती है।

कैसे बदलेगी देश की स्वास्थ्य सेवाएं?

वर्तमान में, भारत विदेशी MRI मशीनों पर निर्भर है, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये होती है। इस नई MRI मशीन के आने से देश में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सस्ती और सुलभ हो सकती हैं।

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