भारत के प्रथम राष्‍ट्रपति डॉक्‍टर राजेन्‍द्र प्रसाद की आज 133वीं जयंती है। उनका जन्‍म बिहार के सीवान जिले में हुआ और देश के 1950 में गणतन्‍त्र बनने पर वे स्‍वतंत्र भारत के प्रथम राष्‍ट्रपति चुने गये। डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद को स्‍वतंत्रता आंदोलन में महत्‍वपूर्ण योगदान और संविधान निर्माण में उनकी भूमिका के लिए हमेशा याद रखा जायेगा।

राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद, उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडु और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। मोदी ने एक संदेश में कहा है कि भारत के पहले राष्‍ट्रपति के रूप में शुरुआती वर्षों में उनका नेतृत्‍व और दिशा निर्देशन अत्‍यंत मूल्‍यवान रहा। उन्‍होंने कहा कि महात्‍मा गांधी से प्रभावित डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद भारतीय स्‍वतंत्रता आंदोलन के सक्रिय हिस्‍सा बने और उन्‍होंने असहयोग आंदोलन को जमीन स्‍तर तक ले जाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्‍होंने कहा कि डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद ने संविधान सभा का अध्‍यक्ष रहते हुए इसे महान नेतृत्‍व प्रदान किया।

पिछले महीने उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने नई दिल्‍ली में आकाशवाणी द्वारा आयोजित डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद स्‍मारक व्‍याख्‍यान 2017 दिया था। इस व्‍याख्‍यान का शीर्षक भारत का बदलाव था। नायडु ने कहा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से महिलाओं के प्रति समाज की मानसिकता में बदलाव आया है और हरियाणा जैसे राज्‍यों में पहली बार बाल लिंग अनुपात में सुधार हुआ है। देश में बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए नायडु ने कहा कि इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

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