सोशल मीडिया पर इन दिनों इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग एक युवक-युवती को न्यूड करके उनके साथ बदसलूकी  करते नज़र आ रहे हैं। पहले लड़की को लड़के के कंधे पर बैठने पर मजबूर किया जाता है, फिर लड़के को लड़की के कंधे पर बैठाया जाता है। कुछ लोग इन्हें पीट रहे हैं तो कुछ लोग चिल्ला रहे हैं वहीं कुछ लोग इस अमानवीय कृत का वीडियो भी बना रहे हैं।  इस वीडियो को सोशल मीडिया पर गुजरात का बता कर शेयर किया जा रहा है।

वीडियो को शेयर करते हुए लिखा जा रहा है कि गुजरात में दलितों को नंगा करके घुमाया गया। वीडियो शेयर करते हुए कुछ लोग ते ये भी लिख रहे हैं कि अगर इस तरह के जुल्म पर दलित हथियार ना उठाएं तो क्या करें। कुछ लोग इसे हिंदुत्व का साइड इपेक्ट बता रहे हैं। गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में गुजरात का बता कर इस वीडियो को सेयर करनेवालों की कमी नहीं है। हालांकि इस वीडियो की हकीकत कुछ और ही है।

ये वीडियो जिसे गुजरात में दलितों पर अत्याचार का बता कर वायरल किया जा रहा है वो थोड़ा पुराना है। खबरों के अनुसार ये वीडियो गुजरात का है भी नहीं। वीडियो राजस्थान के बांसवाड़ा का है। 19 अप्रैल 2017 को यहां के शंभूपुरा गांव में एक प्रेमी युगल को निर्वस्त्र कर के गांव में घुमाया गया था और उन्हें पीटा भी गया था। वीडियो वायरल होते हुए स्तानीय पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा और फिर इस मामले में 18 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
मामला चाहे गुजरात का हो, राजस्थान का या देश-दुनिया के किसी भी कोने का इस तरह की हिंसा को किसी भी सूरत मे जायज़ नही ठहराया जा सकता है। सदप्रयास ऐसे उपदर्वी तत्वों के खिलाफ सख़्त कार्यवाही की माँग हमेशा करता रहेगा और जनता से अपील भी करता है कि इसे किसी जाति या धर्म से ना जोड़ें क्योंकि धर्म और जाति के नाम पर हिंसा करने वाले किसी भी समूह के नही हैं। वो खुद अपने संप्रदाय को नीचा दिखा रहे हैं।

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