ज़िन्दगी कोई ‘पोस्टर’ तो नहीं जो कहीं भी, किसी भी ईंट-पत्थर की दीवार, किसी सूखे पेड़ पर चिपका दी जाये, यह तो सतत प्रक्रिया है…
भारत माता की जय से पहले उस मां की जय बोलूंगा जो किसी के जूठे वर्तन धोती है; जो किसी का मेला उठाती है। भारत…
नए साल 2018 में राजनीति के नए समीकरण बनेंगे राज्य सभा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनेगी। यह तो हो ही था, क्योंकि आज़ादी के…
कुछ बच जाये तुम्हारी लूट खसूट उत्पात और आगजनी से देश का, यदि तो बिखेर देना उसे इस अनाथ देश के खेतों, कारखानों शहरों,…
भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रकाशित एक पुस्तक- ‘हिमाचल प्रदेश स्थान नाम व्युत्पतिजन्य विवेचनात्मक अध्ययन’ जिसे मेरे एक मित्र डा. विद्या चंद ठाकुर ने संपादित…
चार दिन लगातार रोने के बाद, आज सुबह अचानक चुप हो गया था उसका लाड़ला; और वह भी सो गई थी गहरी नींद, सोचा बच्चे…
उसके हिस्से तो बदहाली ही है हर साल की तरह उसने, सर्दियों की प्रतीक्षा की थी बरसात के कहर से बचने को, सर्दियां तो आईं…
देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, असंतुलित विकास, शोषण, दमन, दोहन, चाचा-भतीजावाद, लालफीताशाही, राज्य द्वारा संचालित आतंकवाद के कारण पैदा हुई सांप्रदायिक कटुता, जातीय, प्रजातीय तथा क्षेत्रीय…
कूड़े के ढेरों को बीनते हैं, गलियों में समाजवादी सड़कों पर भीख मांगते हैं मेरे देश के बच्चे हैं ये हंसते नहीं। श्रम कानूनों…
वन कटते गए वन कटते गए धरती नंगी होती गई पत्थर, लोहे, सीमेंट और कंकरीट की संस्कृति फैलती गई। कल तक जो धरती वस्त्र-आभूषणों…