नई दिल्ली. दिल्ली में एमसीडी चुनाव होने वाले है. वहीं बीजेपी अपने पुराने पार्षदों को टिकट न देने का ऐलान पहले ही कर चुकी है. जिससे पार्षद पार्टी से नाराज है, और दर-दर भटक रहे है. मीडिया रिर्पोटस् के मुताबिक 153  पार्षदों का इस फैसले से पत्ता कट गया. दोबारा टिकट का आश्वासन मिल नहीं रहा. कोई ढाढस भी नहीं दे रहा तो पटपड़गंज इलाके से पार्षद संध्या वर्मा की आंखें उस वक्त डबडबा गईं जब नितिन गडकरी से मिलकर निकलीं.

वहीं पार्षदों ने दावा किया है कि विपक्ष तक अगर ये साबित कर दे कि भ्रष्ट हैं तो राजनीति से संन्यास ले लेंगी. संध्या वर्मा ने कहा कि, ‘पता नहीं टिकट क्यों कटा पर मैंने तो पटपड़गंज में 5 साल ईमानदारी से काम किए हैं. यदि आप के नेता सिसोदिया जी भी ये कह दें कि मैं भ्रष्ट हूं तो जिंदगीभर चुनाव नहीं लड़ूंगी.’ मुंडका इलाके से पार्षद मास्टर आजाद ने कहा कि पार्टी में हम अपनी बात रखने आये थे, और जहां-जहां सही लगेगा हम अपनी बात रखने जायेंगे.

बीजेपी के ऐलान के बाद टिकट की उम्मीद में पार्षदों ने बड़े नेताओं से मिलने का दौर शुरू कर दिया. सभी जगह से पार्षदों को मायूसी हांथ लग रही है. पहले विजय गोयल के घर गए. इसके बाद प्रवेश वर्मा, महेश गिरि और फिर नितिन गडकरी. इतना ही नहीं श्याम जाजू और विनय सहस्त्रबुद्धे से भी पार्टी दफ्तर में मुलाकात हु, लेकिन मायूसी ही हाथ लगी.

अपनी आखिरी उम्मीद के तौर पर ये पार्षद दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से भी मिले, और कहा क्या कोई फैसले पर यू-टर्न मुमकिन है? जिसके जवाब में मनोज तिवारी ने कहा कि, ‘पार्षद पार्टी के अंदर अपनी बात रख रहे हैं. अपने काम गिनवा रहे हैं. उनका हक है. पार्टी सुन भी रही है. अगर कोई फैसला हुआ तो जरूर बताएंगे. संकेत बिल्कुल साफ है कि सुनवाई का कोई रास्ता अब बचा नहीं है.’

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