Unemployment Due to Lockdown: कोरोना वायरस से अप्रैल में 9.1 करोड़ का रोज़गार छिन गया. कोरोनावायरस  का संकट और उसे और फैलने से रोकने के लिए देश भर में लगाए गए लॉकडाऊन की वजह से बेरोज़गारी तेज़ी से बढ़ रही है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में आगाह किया कि पिछले एक हफ्ते में देश में बेरोज़गारी दर बढ़कर 27.1 % हो गयी है सेंटर ने कहा है कि लॉकडाऊन के दौरान अप्रैल में 9.1 करोड़ छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मज़दूरों का रोज़गार छिन चूका है.

अपनी ताज़ा रिपोर्ट में सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी ने कहा है की 2019-20 में छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मज़दूरों में औसतन 12.8 करोड़ के पास रोज़गार था. अप्रैल 2020 में ये गिरकर सिर्फ 3.7 करोड़ तक सीमित रह गया यानी लॉकडाऊन के दौरान अप्रैल में 9.1 करोड़ का रोज़गार छिन गया.

मार्च से ही बेरोज़गारी बढ़ती जा रही थी. लॉकडाऊन ने करोड़ों छोटे व्यापारियों और वर्करों का संकट अप्रत्याशित तरीके से और बढ़ा दिया है. मुश्किल ये है को कोरोना का संकट अगर और लम्बा चला तो रोज़गार का संकट और बड़ा होता जायेगा.

बेरोजगारी का अर्थ (Meaning of Unemployment)

बेरोजगारी का अस्तित्व श्रम की माँग और उसकी आपूर्ति के बीच स्थिर अनुपात पर निर्भर करता है। समग्रत: बेरोजगारी श्रम की माँग और पूर्ति के बीच असंतुलित स्थिति का प्रतिफल है।

बेरोजगारी क्यों है ( Why unemployment in India)

बेरोजगारी के अनेक कारण हैं जैसे जनसंख्या वृद्धि, पूंजी की कमी, विकास की धीमी गति, अनुपयुक्त तकनीकों का प्रयोग, अनुपयुक्त शिक्षा प्रणाली आदि । भारत में दो प्रकार की बेरोजगारी है प्रथम, ग्रामीण बेरोजगारी, द्वितीय, शहरी बेरोजगारी ।

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