नोएडा के चर्चित आरुषि तलवार मर्डर केस में एक नया मोड़ आ गया है। इस कांड में मारे गए नौकर हेमराज की विधवा खुमकला बंजाडे ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और पति के हत्यारों को गिरफ्तार करने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही खुमकला ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें कोर्ट ने हत्या तो मानी है लेकिन सबूतों के अभव में किसी को भी इस मर्डर का दोषी नहीं मानते हुए राजेश तलवार और उनकी पत्नी नूपुर तलवार को दो महीने पहले अक्टूबर 2017 में रिहा करने का आदेश दिया था। अपनी याचिका में खुमकला ने कहा है कि हाईकोर्ट का फैसला गलत है और उसे निरस्त किया जाय।

14 साल की आरुषि तलवार की लाश 16 मई, 2008 की सुबह नोएडा के जलवायु विहार के फ्लैट नंबर एल-132 में मिली थी। उसका गला रेता गया था। घर के नौकर हेमराज, जिसपर शुरुआत में हत्‍या का शक था, की लाश अगले दिन फ्लैट की छत पर मिली थी। छत का दरवाजा भीतर से बंद था। इस हत्याकांड में नोएडा पुलिस ने 23 मई को डॉ राजेश तलवार को बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच एक जून को सीबीआई को सौंप दी गई थी।

हाईकोर्ट ने माना था कि इस मर्डर केस की जांच में कई खामियां रही हैं। हालांकि, गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने 25 नवंबर 2013 को इस हत्याकांड का दोषी करार देते हुए तलवार दंपत्ति को उम्रकैद सुनाई थी। इसके बाद उनके वकीलों ने उस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। तलवार दंपत्ति के वकील तनवीर अहमद ने तब सीबीआई कोर्ट के 204 पन्नों के फैसले पर उंगली उठाई थी। हाईकोर्ट ने मामले में संदेह का लाभ देते हुए तलवार दंपत्ति को रिहा कर दिया।

You May Also Like  India’s Got Latent: अश्लील टिप्पणियों पर विवाद, Samay Raina समेत कई लोगों पर केस दर्ज

सौजन्य: जनसत्ता