नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज की छात्रा गुरमेहर को लेकर चल रही बहस के बीच केन्द्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने बयान दिया कि शहीद की आत्मा जरूर रो रही होगी. क्योंकि उसे वही लोग गुमराह कर रहे है जो सैनिकों को शहादत मिलने के बाद जश्न मनाते है.

उन्होंने अपने बयान में कहा की, ‘वह एक शहीद की बेटी है. लेकिन उनकी आत्मा जरूर रो रही होगी क्योंकि गुरमेहर कौर को वहीं लोग गुमराह कर रहे, जो हमारे सैनिकों की जान जाने पर जश्न मनाते हैं.’ उन्होंने कहा कि ’20 साल की लड़की को अपने दिमाग से बोलने की पूरी आजादी है और उसे पूरी सुरक्षा दी जाएगी क्योंकि उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार को है.’

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही रिजिजू ने सवाल उठाया था कि क्या कौर के मस्तिष्क को कोई प्रदूषित कर रहा है. उनके बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की थी. वहीं रिजिजू ने कहा, ‘मैं अपने बयान पर कायम हूं. कोई भी व्यक्ति जो सोशल मीडिया पर लिखता हो, उसे सजग रहना चाहिए. लेकिन विपरीत विचार रखने वालों को भी बोलने दिया जाना चाहिए. गुरमेहर युवती है और उसे अपने मन की बात रखने देना चाहिए.’ उन्होंने ये भी कहा की, ‘जब मैंने कहा कि कोई उसके (गुरमेहर) मस्तिष्क को कोई प्रदूषित कर रहा है, तब मेरा मतलब वामपंथियों से था.’ कौर ने एक वीडियो अभियान शुरू किया था ‘मैं एबीवीपी से नहीं डरती.’ गृह राज्य मंत्री रिजिजू ने कहा कि अगर कौर को कोई धमकी मिली है तो उस मामले से सख्ती से निपटा जाना चाहिए. कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर राजनीति कर रहे हैं.

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रिजिजू ने वामपंथियों पर आलोचना करते हुए कहा कि, ‘जब भी भारतीय सैनिक की जान जाती है, तब वे हमेशा जश्न मनाते हैं,’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘जब हम 1962 में चीन के साथ लड़ाई लड़ रहे थे, तब वामपंथी चीनियों का समर्थन कर रहे थे. आज भी जब हमारे सैनिक मरते हैं तब वे खुशी मनाते हैं. वे विश्वविद्यालयों में जाते हैं और युवाओं को गुमराह करते हैं.’

इस दौरान उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘अराजक’ करार देते हुए कहा कि वे कुछ ऐसे छात्रों का पक्ष ले रहे हैं जो दिल्ली विश्वविद्यालय में समस्या खड़ी कर रहे हैं. मंत्री ने कांग्रेस को विश्वविद्यालय से दूर रहने को कहा क्योंकि उसकी कोई विचारधारा नहीं है.

उन्होंने इस दौरान कहा कि हर किसी को बोलने की आजादी है. वे लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ भी बोल सकते हैं. वे प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन किसी को भी राष्ट्र के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है. क्योंकि ऐसा करना अपराध है.