टाइम्स नाउ के पूर्व एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी के हाल ही में लांच हुए चैनल रिपब्लिक टीवी के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। न्यूज ब्रॉडकास्टर्स असोसिएशन (NBA) ने चैनल पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उसने ज्यादा व्यूअर्स को लाने के लिए अनैतिक वितरण रणनीति का सहारा लिया। बेस्ट मीडिया इन्फो नाम की वेबसाइट के मुताबिक एनबीए ने टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी अॉफ इंडिया को खत लिखकर आरोप लगाया कि गोस्वामी का चैनल मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स प्लेटफार्मों पर कई फीड्स चला रहा था। इससे पहले कभी एनबीए ने कथित व्यापार से संबंधित गलत तरीकों के लिए किसी चैनल के खिलाफ मामला नहीं उठाया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक एनबीए ने आरोप लगाया है कि रिपब्लिक चैनल को अलग-अलग जगहों पर विभिन्न तरीकों से लिस्टेड किया गया था। एनबीए ने रिपब्लिक टीवी के कारनामों को गैरकानूनी बताते हुए ट्राई से उसके खिलाफ एक्शन लेने को कहा है ताकि कोई और टीवी चैनल भविष्य में इस तरह के तरीके न अपना सके।

देश के 171 शहरों खासकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में रिपब्लिक टीवी ड्यूल और कई मामलों में ट्रिपल फीड सामने आए हैं। इस चैनल से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि टाइम्स नाउ पिछले कई वर्षों से यह कर रहा है और अन्य चैनल्स भी। वे भी हैथवे, इंडियन केबल नेट कंपनी लिमिटेड (आईसीएनसीएल), एससीओडी और बाकी अन्य वितरक नेटवर्क्स पर ड्यूल फीड चला रहे हैं 2017 के ट्राई नोटिफिकेशन के मुताबिक वितरकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे चैनलों को एक ही शैली में चलाएं।

6 मई को लॉन्च के दिन ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के शहाबुद्दीन के साथ कथित फ़ोन वार्ता को अपने चैनल में दिखाया था उसके बाद शशि थरूर की अपनी स्वर्गीय बीवी सुनंदा पुष्कर के क़त्ल में संदिग्ध संलिप्ता को दिखाया था व अगले दिन नेशनल हेराल्ड मामले को प्रमुखता से अपनी प्राइम टाइम में जगह दी थी। तभी से ये आरोप लगने लग गए थे कि रिपब्लिक टीवी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एजेंडे पर काम कर रहा है । एक कांग्रेस प्रवक्ता द्वारा चैनल के एक एंकर को बीजेपी जर्नलिस्ट कहे जाने के बाद उन्होंने उसकी सार्वजनिक तौर पर बेइज्जती की थी, जिसके बाद उनकी कड़ी आलोचना की गई थी। गोस्वामी ने ब्रजेश कलप्पा को गांधी परिवार का कीड़ा और पालतू कुत्ता कहा था।

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