नई दिल्ली. आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे योगी आदित्यनाथ का विवादों से पुराना नाता रहा है. अपनी फायरब्रांड इमेज के लिए मशहूर इस बीजेपी सांसद ने कई ऐसे विवादित बयान दिए हैं, जिससे लोगों में उनकी इमेज एक कट्टर हिंदूवादी नेता की बन गई है. वहीं इनके ऊपर कई मर्डर सहित कई आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. दोष साबित होने पर सजा-ए-मौत भी संभव हो सकती है. उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी मामलों के बारे में जानकारी दी है.

कौन-कौन से दर्ज है मामले

खबरों के मुताबिक 1999 में उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री पर इस साल महाराजगंज जिले में आईपीसी की धारा 147 (दंगे के लिए दंड), 148 (घातक हथियार से दंगे), 295 (किसी समुदाय के पूजा स्थल का अपमान करना), 297 (कब्रिस्तानों पर अतिक्रमण), 153A (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 307 (हत्या का प्रयास) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के मामले दर्ज हुए थे. वहीं पुलिस ने इन मामलों में क्लोजर रिपोर्ट तो साल 2000 में ही दाखिल कर दी थी, लेकिन स्थानीय अदालत का फैसला आना अभी बाकी है.

खबर ये भी है कि 1999 का यह मामला महाराजगंज का ही है. जहां उन पर धारा 302 (मौत की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसके अलावा 307 (हत्या का प्रयास) 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 427 (पचास रुपये की राशि को नुकसान पहुंचाते हुए शरारत) के तहत भी उन पर मामला दर्ज हुआ था.

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