नई दिल्ली. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर दिए बयान पर छात्र प्रतीक कंवल ने पीएम मोदी को एक खुला पत्र लिखकर ऐतराज जताया है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले यूपी की रैली में पीएम मोदी ने जीडीपी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि, ‘हार्वर्ड से ज्यादा दम हार्ड वर्क में है.’
छात्र ने अपने पत्र में कहा है कि, ‘भारत जैसे विविधता वाले देश के विकास के लिए आपको उन लोगों की मदद की जरूरत है जो अलग दृष्टिकोण पेश करते हैं. अर्थशास्त्रियों और विश्वसनीय अकादमिक संस्थानों का मजाक उडाने से हम दुनिया में सिर्फ अलग-थलग ही पड़ेंगे.’ खुद को कड़ी मेहनत करने वाला एक राष्ट्रवादी बताते हुए छात्र ने कहा कि हम साक्ष्य के आधार पर सीखने की प्रवृत्ति में प्रशिक्षित हैं जो नीतियों को बनाने और प्रभावी रूप से लागू करने में मदद करता है ताकि नोटबंदी जैसी आपदाओं से निपटा जा सके.
उन्होंने कहा कि जब आप उत्तर प्रदेश में ये टिप्पणियां कर रहे थे तब पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हमें हार्वर्ड में संबोधित कर रहे थे और उन्होंने यूनिवर्सिटी और छात्रों से विशेष रूप से कहा कि वे आपकी सरकार को सहयोग करें. कंवल ने यह दावा भी किया कि हार्वर्ड के पूर्व छात्र मोदी कैबिनेट में और पीएमओ में अहम पदों पर हैं.प्रतीक ने ये पत्र ऑनलाइन जारी किया था जो वायरल हो गया.
वहीं प्रतीक ने दावा किया कि हार्वर्ड के कई पूर्व छात्र मोदी कैबिनेट में और पीएमओ में अहम पदों पर हैं. छात्र ने कहा कि, ‘पीएम की टिप्पणियां उनके जैसे भारतीयों को भारत से दूर करेंगी जो विदेश में पढ़ाई के बाद अपने देश में लौटना चाहते हैं.’
गौरतलब है कि यूपी में चुनावी प्रचार में महाराजगंज की एक रैली में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली में कहा था कि हार्डवर्क ज्यादा जरुर है ना कि हार्वर्ड की सोच. उस समय उस मोदी के इस हमले को भारत रत्न और नोबेल विजेता हार्वर्ड अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन से जोडा गया था, क्योंकि सेन ने कहा था कि इन दिनों फैसले रिजर्व बैंक नहीं मोदी ले रहे हैं.
नोबेल पुरस्कार विजेता और अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि, ‘इस फैसले(नोटबंदी) से देश में काला धन खत्म नहीं होगा. सेन ने साफ तौर पर कहा कि नोटबंदी का फैसला रिजर्व बैंक का नहीं बल्कि पीएम मोदी का था.’ वहीं रैली में बोलते हुए मोदी ने इकॉनमी के आंकड़ो के जरीए अपनी सरकार के फैसले को सही बताते हुए विरोधियों पर निशाना साधा.