सेना के दिग्गज अफसरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से सेना के अफसरों ने देश भर में मुस्लिमों और दलितों पर हो रहे हमलों की आलोचना की है।

ख़बरों के मुताबिक, देश के 114 पूर्व अफसरों ने इस खत पर हस्ताक्षर कर ‘नॉट इन माई नेम’ कैम्पेन का भी समर्थन किया है। उन्होंने पत्र लिखा है कि असहमति रखना या मतभेद होने को देशद्रोह करार नहीं दिया जा सकता। उन्होंने लिखा है असहमत होना देशद्रोह नहीं होता बल्कि यह लोकतंत्र का सार होता है। हम इस मुद्दे से आंख नहीं मूंद सकते। हमारे लिए उदार और धर्मनिरपेक्ष उसूलों के लिए नहीं बोलना, देश पर उपकार करने जैसा होगा। हमारी विवधता ही हमारी ताकत है।

जानकारी के लिए बताते चलें कि मॉब लिंचिंग के विरोध देश की राजधानी में दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘नॉट इन माई नेम‘ कैंपेन आयोजित किया जा चुका है। बीते महीने 16 साल के जुनैद की ट्रेन में पीट-पीट कर हत्या करने के बाद देश के कई राज्य में लिंचिंग के खिलाफ ‘नॉट इन माई नेम’ के बैनर तले आवाज उठाई गई। इस कैंपेन का साथ देश की कुछ मशहूर हस्तियों ने भी दिया था व शरद यादव सरीखे नेता इस मामले को संसद में भी उठा चुके हैं।

इस खत पर जल, थल व वायुसेना के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किया है सेना के अधिकारियों ने खत के माध्यम से कहा कि आज देश में जो हो रहा है वह सुरक्षा बलों के उसूलों और देश के संविधान के खिलाफ वार करता है। उनका इशारा मॉब लिंचिंग की तरफ था। चिट्ठी में लिखा गया है, “हम हिंदुत्व के स्वयं सिद्ध ठेकेदारों की हिंसा के गवाह नहीं बन सकते। हम मुस्लिमों और दलितों के खिलाफ हो रही हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं।” खत में आगे लिखा गया है, “हम ‘नॉट इन माई नेम’ कैम्पेन के साथ हैं जो हजारों लोगों को डर और नफरत के खिलाफ लड़ाई में एकजुट करता है।”

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कुछ महीने पहले भी रिटायर्ड नौकरशाहों ने लिंचिंग के मुद्दे को लेकर एक खुला खत लिखा था। पूर्व सुरक्षा बल अधिकारियों का यह खत हाल ही में हुई लिचिंग की घटनाओं के खिलाफ आया है।

आपको बता दें कि देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने के बाद हत्यारी होती जा रही भीड़ के कई कारनामे सामने आ चुके हैं। भीड़ का गुस्सा इस कदर बढ़ रहा है कि वह हत्या करने से नहीं चूक रही। इसमें जो सबसे खास बात सामने आ रही है वह यह है कि अफवाहों के चलते खास समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने 30 जुलाई को आकाशवाणी से अपने मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों से गंदगी, गरीबी, भ्रष्‍टाचार, आतंकवाद, जातिवाद और संप्रदायवाद भारत छोड़ो का संकल्‍प लेने का आह्वान भी किया है।