बचपन में चुड़ैलों की कहानियां आपने बहुत सुनी होगी, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं होता है. आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बतायेंगे की जिसे जानकर आपके पैरों तले जमीन निकल जायेगी. जी हां अफ्रीका देश के घाना एक ऐसी भी जगह है जहां आज भी महिलाओं को चुड़ैल के रूप में देखा जाता है. इसे चुड़ैल के गांव के नाम से जाना जाता है. आइये आपको इस जगह से जुड़ी कुछ जानकारियों से रूबरु करवाते है.

उल्लेखनीय है कि म्यूनिख फोटोग्राफर ने अपनी फोटोग्राफी के माध्यम से इनकी लाइफ को दिखाया है. फोटोग्राफर ने बताया कि, ‘चुड़ैलों के गांव में ये औरतें झोपडिय़ां बना कर रहती हैं और आसपास के खेतों में काम कर अपना जीवनयापन करती है.’

उपयुक्त जानकारी के मुताबिक घाना में अंधविश्वास के चलते महिलाओं को चुडै़ल घोषित कर दिया जाता है. जिसके बाद इन्हें इस कदर प्रताडि़त किया जाता है कि यह अपना घर-परिवार छोड़ वहां से चली जाती हैं. इतना ही नहीं कई बार तो इन महिलाओं को जिंदा भी जला दिया जाता है.

खबर है कि महिलाओं को चुड़ैल घोषित करने के पीछे भी अजीबोगरीब कारण होते है. कहा जाता है यदि गांव में सांप के काटने से किसी की मौत हो जाए तो कई औरतों को चुड़ैल घोषित कर प्रताडि़त किया जाता है.

लोगों की प्रताड़ना से बचने के लिए वहां की महिलाए घर-परिवार छोड़ दूसरे गांव में जाकर अपनी गुमनाम जिंदगी व्यतीत करती है. ऐसी महिलाओं की संख्या 1500 के आसपास है. घाना में इस तरह के 6 गांव हैं, जहां महिलाओं को चुड़ैल घोषित कर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है. उनमें गांबागा और गुशीगू प्रमुख हैं.

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