नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को उनकी रिश्वत संबंधी टिप्पणी को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आयोग ने उनसे मंगलवार शाम 5 बजे तक इसका जवाब मांगा है. शनिवार को भदोही में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होने कहा था कि, ‘वे अन्य दलों से पैसे ले लें लेकिन वोट ‘साइकिल’ को दें.’
चुनाव आयोग ने इस तरह के बयान को लेकर काफी सख्त है. इससे कुछ महीने पहले चुनाव आयोग ने रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को भी संयम बरतने की हिदायत दी थी. आयोग ने गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान पर्रिकर द्वारा दिए गए बयान को मतदाताओं को वोट के बदले नोट लेने का प्रलोभन माना था.
चुनाव आयोग ने इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे चुका है. केजरीवाल ने भी गोवा के वोटरों से अन्य दलों से धन स्वीकार करने लेकिन वोट ‘आम आदमी पार्टी’ को वोट देने की अपील की थी.