प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने हैमबर्ग में जी-20 शिखर सम्‍मेलन के दौरान ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के साथ बातचीत की। मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने भारतीय बैंकों का 9000 करोड़ रुपए लेकर फरार चल रहे विजय माल्या के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता गोपाल बाग्‍ले ने बताया कि श्री मोदी ने श्रीमती थेरेसा मे से माल्‍या को भारत लाने में सहयोग करने का आग्रह किया।

विजय माल्‍या पर बंद किंग फिशर एअरलाइंस से जुड़े लगभग नौ हजार करोड़ रुपये बैंकों का बकाया है। वह पिछले वर्ष मार्च में भारत से भाग कर ब्रिटेन चला गया। वहां स्‍कॉट लैंड यार्ड ने भारत के प्रत्‍यर्पण वारंट पर उसे गिरफ्तार किया है और माल्‍या फिलहाल जमानत पर है।

माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन की अदालत में पहले से ही एक मुकदमा चल रहा है। माल्या के मुद्दे पर ब्रिटेन के संसद में भी बहस हो चुकी है। इससे पहले माल्या के वकील ने प्रत्यर्पण पर चल रहे मुकदमे के दौरान यह दलील दी थी कि भारतीय जेलों की स्थिति काफी खराब है और इस वजह से माल्या को भारत के हवाले नहीं किया जा सकता है. इस केस की सुनवाई 4 दिसंबर से होगी।

माल्या के अलावे ललित मोदी भी ने भी ब्रिटेन में शरण ले रखी है और उनके ऊपर भी आर्थिक लेन-देन में गड़बड़ी का आरोप है।

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