राजनीति में 61 साल तक सक्रिय रहने वाले करुणानिधि 13 बार राज्य के एमएलए रहे हैं और एक बार तमिलाडु के एमएलसी भी रहे. करुणानिधि सबसे पहले साल 1957 में विधानसभा चुनाव में चुने गए थे जिस समय जवाहरलाल लाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री थे.
चेन्नई: दक्षिण भारत के दिग्गज नेता एम करुणानिधि का लंबी बीमारी के बाद 94 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया. करुणानिधि का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि को 28 जुलाई से कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल ने बयान जारी कर बताया कि उन्होंने शाम 6 बजकर 10 मिनट पर आखिरी सांस ली. वे यूरिनिरी इंफेक्शन और लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के तमाम नेताओं ने श्रद्धांजलि दी. पीएम ने लिखा कि वे देश के वरिष्ठतम नेताओं में से एक थे.
1924 में जन्मे करुणानिधि का राजनैतिक सफर काफी उतार चढ़ाव से भरा रहा. जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ खास आंकड़े
- करुणानिधि अपनी पूरी जिंदगी में 13 बार तमिलनाडु विधानसभा के लिए चुने गए. ये न सिर्फ एक रिकॉर्ड है बल्कि उनकी राजनीतिक विरासत की कहानी बयान करता है.
- राजनीति से पहले वो तमिल फिल्म इंडस्ट्री में स्क्रिप्ट राइटर थे. उन्होंने कुल 39 फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखने का काम किया था.
- काफी कम उम्र से ही करुणानिधि पॉलिटिकली एक्टिव थे. उन्होंने 18 साल की उम्र में ही मुरासोली नामक अखबार निकालना शुरू कर दिया था.
- साल 1971 में हुए विधानसभा चुनावों में करुणानिधि की पार्टी ने रिकॉर्ड 184 सीटें जीती थीं. 15 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ऑर्गेनाइज़ेशन) थी.
- साल 1957 में करुणानिधि ने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था. उन्होंने ये चुनाव कुलिथलई सीट से जीता.
- अपनी जिंदगी के 60 साल उन्होंने बतौर तमिलनाडु विधानसभा सभा सदस्य गुजारे. जो एक रिकॉर्ड था.