नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के नए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिना भेदभाव के काम करने की कसम खाई, और तय किया है कि अपने शासनकाल में वीआईपी कल्चर को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा. खबरों के मुताबिक उन्होंने आदेश जारी करते हुए कहा कि, ‘सरकार के किसी भी मंत्री को अपनी गाड़ी पर लाल बत्ती इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.’ वहीं भ्रष्टाचार पर अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए उन्होंने अपने सभी मंत्रियों से अपनी आय और संपत्ति का ब्योरा 15 दिन में देने को कहा है.

खबरों के मुताबिक उन्होंने डीजीपी से कहा है कि, बेहतर पुलिसिंग के लिए 15 दिनों में उनके सामने ब्लूप्रिंट पेश किया जाए. इसमें सभी जिलों के पुलिस अफसरों से राय भी लेने को कहा है.’ उनकी आज देर शाम सभी मंत्रालयों के प्रधान सचिवों से मुलाकात करने की उम्मीद है. इससे पहले कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘भ्रष्टाचार’ को समाप्त करने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपनी आय और चल अचल संपत्ति का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है.

वहीं दोनों मंत्रियों ने बताया है कि, ‘नये विधायकों के प्रशिक्षण के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में एक कमेटी बनेगी. जिसमें प्रयास होगा कि सभी विधायकों की भलीभांति ट्रेनिंग हो. ट्रेनिंग देने के लिए केंद्र के भी बड़े नेता आ सकते है.’

इसके साथ ही उन्होने बताया कि एक और कमेटी बनाने का फैसला किया गया है, जो देखेगी कि 325 विधायकों के साथ मंत्रिपरिषद के लोग किस प्रकार संपर्क में रहें और उनके क्षेत्र में जाकर किस तरह संपर्क रख सकें. वहीं संगठन और सरकार के तालमेल पर भी चर्चा की गई. उन्होने यह भी बताया कि, ‘मुख्यमंत्री ने सभी कैबिनेट सदस्यों से आग्रह किया कि ‘जनादेश’ विकास के लिए मिला है. ये जनादेश बिजली, पानी, सडक, कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसान की बदहाली दूर करने और सुरक्षा के लिए मिला है.

You May Also Like  HP विधानसभा: डॉक्टरों के खाली पदों पर विपक्ष ने किया हमला