मैं चाहता हूं। यह ठीक है कि, मैं तुम से छोटा हूं क्योंकि तुम जौंक बन मेरा खून चूसते गए और, मैं चुपचाप, असहाय अपना…

इतिहास गवाह है जब भी कभी कोई नया क्षेत्र खुलता या खोला जाता है, चाहे वह सभ्यता, विकास या वर्तमान के लोकतन्त्र और मानवाधिकार रक्षा…

जब यह भी भगवान की इच्छा है वह भी उसी की माया है अच्छा-बुरा, सही-गलत सफलता-असफलता आबादी-बर्बादी आना-जाना, जीना-मरना सब उसी के कर्म हैं तो…

भारतीय स्वतन्त्रता आंदोलन के लम्बे इतिहास के दौरान हुए संघर्ष को ऊर्जा प्रदान कर गतिशील बनाये रखने वाले नारे, जिन्होंने उस पूरे दौर में देश…