तुम और मैं

September 24, 2018 132

तुम बोलते हो जब तो मुझे अपनी आवाज़ का आभास होता है। तुम्हारी सांसों से उभरते-पिचकते सीने को देख अपने ज़िंदा होने का एहसास होता…

मैं भी वामपंथी हूं तू भी वामी परन्तु अन्तर के साथ मैं उस पर विश्वास करता हूं तू दावा मैं उसे जीता हूं और तू…

इतिहास गवाह है जब भी कभी कोई नया क्षेत्र खुलता या खोला जाता है, चाहे वह सभ्यता, विकास या वर्तमान के लोकतन्त्र और मानवाधिकार रक्षा…