नई दिल्ली. एआईएसफ के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बुधवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की. उन्होने विश्वविद्यालयों को दिए जाने वाली फंडिंग में कटौती जैसे मुद्दों पर एक ज्ञापन भी दिया.

एआईएसएफ के प्रतिनिधिमंडल ने फंड में कटौती पर रोक और उस्मानिया विश्वविद्यालय के सौ साल पूरे होने पर पांच सौ करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने की मांग की. उन्होने सामाजिक न्याय के रुप में और अधिक फेलोशिप दिए जाने की मांग की.

उन्होने मांग की कि यूजी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के मामले में पोस्ट डॉक्टरल फैलोशिप के लिए न्यूनतम मानदंड वर्तमान 60% से 50% कम हो जाना चाहिए. उन्होंने पोस्ट डॉक्टरल फैलोशिप में जो अलग-अलग स्कॉलर्श हैं उनके लिए अलग से आरक्षित सीट की मांग की.

उन्होने विश्वविद्यालय कैंपसों से गुंडागर्दी को समाप्त करवाने और शांति बनाए रखवाने की भी मांग की. उन्होने यह भी मांग की कि पाठ्यक्रम में अनावश्यक बदलाव न किया जाए और पीडीएफ योजना में विकलांग छात्रों को भी शामिल किया जाए.

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सांसद डी.राजा ने किया. इस मौके पर एआईएसएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद वली उल्ला खादरी, ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के संयुक्त रजिस्ट्रार इललेलेश, स्टालिन, नरेश और प्रेम भी मौजूद थे.

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