भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन – इसरो ने आज सुबह 9 बजकर 29 मिनट पर श्री हरिकोटा में सतीश धवन अंतरीक्ष केन्द्र से पी.एस.एल.वी. सी-38 का सफल प्रक्षेपण किया। इसके साथ तीस नैनो उपग्रह भी भेजे गए। यह रॉकेट भारत के कार्टोसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह को प्रक्षेपित करेगा।
कार्टोसैट-2 श्रेणी के उपग्रह का वजन 712 किलोग्राम है, जबकि सभी 30 नैनो उपग्रहों का कुल भार 243 किलोग्राम है। इस महीने इसरो का यह दूसरा प्रक्षेपण है।
कार्टोसैट-2 श्रेणी के उपग्रहों में अत्यधिक उन्नत श्रेणी के कैमरे लगे हैं, जो पांच साल तक काम कर सकेंगे। यह शहरी और ग्रामीण नियोजन, तटीय भूमि के उपयोग के विनियमन, सड़क नेटवर्क की निगरानी और भौगोलिक सूचना प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएंगे।
CONGRATULATIONS #ISRO!!@isro launches #PSLVC38 / #CARTOSAT-2 series satellite, from #Sriharikota. pic.twitter.com/oHz4TO0EqH
— सदप्रयास (@sadprayas) June 23, 2017
यह पीएसएलवी रॉकेट की 40वीं उड़ान है। इसरो के मुताबिक, धरती के ऑब्जरवेशन के लिए लांच किए जा रहे 712 किलोग्राम के कार्टोसेट-2 सीरीज के सेटेलाइट के साथ करीब 243 किलोग्राम के 30 अन्य सेटेलाइट को पोलर सन सिंक्रोनस ऑर्बिट (एसएसओ) में पहुंचाया जाएगा।
इनमें 14 देशों ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, चिली, चेक गणराज्य, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, स्लोवाकिया, ब्रिटेन और अमेरिका के 29 नैनो सेटेलाइट शामिल हैं।