सीबीआई की विशेष अदालत ने आज चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद और 15 अन्‍य को दोषी करार दिया है जबकि बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री जगन्‍नाथ मिश्र सहित अन्‍य छह को बरी कर दिया है। 1991 और 1994 के बीच देवघर खजाने से नवासी लाख सत्‍ताइस हजार रूपये की धोखाधड़ी वाले इस मामले में सीबीआई जज शिवपाल सिंह ने खचाखच भरी अदालत में फैसला सुनाया। अगले महीने की तीन तारीख को सजा की घोषणा की जाएगी।

फैसले की घोषणा के तुरंत बाद राष्‍ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद और अन्‍य दोषियों को हिरासत में ले लिया गया। लालू प्रसाद को रांची की बिरसा मुंडा जेल ले जाया गया है।

इस मामले में, 27 अक्टूबर 1997 को 38 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था जिनमें से 11 की मृत्‍यु हो चुकी है और तीन सरकारी गवाह बन गए जबकि दो अन्‍य ने अपना अपराध स्‍वीकार कर लिया और वर्ष 2006-07 में उन्‍हें दोषी करार भी दे दिया गया।

आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि उनकी पार्टी, सीबीआई अदालत के आज के फैसले के विरूद्ध उच्‍च न्‍यायालय में अपील करेगी।

आरजेडी प्रमुख लालू यादव को चारा घोटाले के एक अन्‍य मामले में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है जिसके कारण उन्हें अपनी लोकसभा सीट गंवानी पड़ी थी और वे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए थे।

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