नई दिल्ली. पांच राज्यों हो रहे विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश का चुनाव आखिरी चरण में है. वाराणसी, जौनपुर की 40 सीटों पर आठ मार्च को मतदान होना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में डेरा डाले हुए हैं और यहां पर प्रचार की कमान संभाले हुए हैं. वहीं आरएसएस के कार्यकर्ता भाजपा से नाराज है. इसकी वजह आरएसएस प्रचारक टिकट वितरण से खुश नहीं है और वे लोकसभा चुनाव जितना उत्साह नहीं दिखा रहे हैं.
वहीं खबर है कि वाराणसी और गोरखपुर क्षेत्र में कई आरएसएस प्रचारकों प्रचार के प्रति न के बराबर रूचि दिखा रहे है. इसके चलते सह कार्यवाह कृष्ण गोपाल को कई दौरे करने पड़े हैं ताकि आरएसएस कार्यकर्ताओं को भाजपा के पक्ष में प्रचार के लिए मनाया जा सके.
खबरों के मुताबिक बच्चों और रिश्तेदारों को टिकट देने, 70 साल के उम्मीदवारों को खड़ा करने और पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे. वहीं कार्यकर्ताओं के बजाय बाहरियों को टिकट देने से आरएसएस नेताओं में नाराजगी है. टिकट वितरण से नाराज कुछ आरएसएस नेताओं की जगह लेने के लिए लखनऊ से एक पूर्व प्रचारक को वाराणसी बुलाया गया है.
आरएसएस काशी प्रांत के प्रचारक ने कहा की, ‘हमें साफ निर्देश है कि हम केवल लोगों से वोट डालने को कहेंगे. हम उन्हें यह नहीं कहेंगे कि वोट किसे डालना है. हमारे स्वयंसेवकों को साफ कहा गया है कि वोटिंग के दिन ही हम लोगों से भाजपा को वोट देने को कहेंगे.’ खबरों के मुताबिक कृष्ण गोपाल ने अपनी मीटिंग में कार्यकर्ताओं से कहा, ‘व्यक्ति हमारे लिए महत्वपूर्ण नहीं है. केंद्र की सरकार उन मुद्दों पर काम कर रही है जिनके लिए हम अभी तक बोलते रहे हैं.’
वहीं वाराणसी में मौजूद भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री ने कहा की, ‘यह चुनाव अब लोगों के हाथों में पहुंच चुका है. सभी मोदी का नाम ले रहे हैं. आरएसएस के लोग कम काम करने के बावजूद भाजपा की जीत में क्रेडिट ले सकते हैं.’ इसी बीच एक आरएसएस नेता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, ‘आजकल सबकुछ राजनीतिक हो गया है. जब हम स्वयंसेवकों से भाजपा के लिए काम करने को कहते हैं तो वे इसकी भाजपाइयों से तुलना करते हैं. कर्इ स्वयंसेवक अब राजनीतिक काम के लिए पैसों की उम्मीद भी रखते हैं.’