जौनपुर. उत्तर प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव को लेकर सभी सियासी दल ताबड़तोड़ रैली कर रहे हैं. वहीं शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के जौनपुर में रैली कर लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. मोदी ने कहा कि, ‘विपक्षी लोग हमसे सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांग रहे थे. विपक्षियों को जौनपुर में शहीदों के घर आकर देखना चाहिए कि देश के लिए कैसे जान दी जाती हैं.’

प्रधानमंत्री मोदी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे. जिससे काफी देर तक शोर-गुल होता रहा. पीएम मोदी ने रैली के शुरू होने के पहले लोगों को चुप होने के लिए कहा. इसके बाद ‘भारत माता की जय के नारे’ भी लगवाए. इसके बाद विधानसभा चुनाव पर बोलना शुरू किया. उन्होने कहा कि, ‘यूपी सरकार के काम नहीं कारनामे बोलते हैं. चुनाव के नतीजों में सपा, बसपा और कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो जाएगा. हम आने वाले दिनों में यूपी के सभी गांवों में बिजली लगवाएंगे. भाजपा की सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’ करना चाहती है. इसलिये मुझे सबका साथ चाहिए.’

उन्होने कहा कि, ‘उत्तर प्रदेश में हो चुके पांच चरणों के मतदान के बाद खबर आ रही है कि इस बार भाजपा को बहुमत मिला है. अब शेष बचे चुनावों में लोगों को उन्हें बोनस देना चाहिए.’  मोदी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से उनको पैसे दिए गए लेकिन वह उसे खर्च नहीं करते.

इसके साथ ही उन्होने कहा कि लोग अच्छा काम करते है तो गायत्री मंत्र बोलते हैं लेकिन सपा-कांग्रेस गठबंधन करके ‘गायत्री प्रजापति मंत्र’ बोलते हैं. उन्होने आगे कहा कि यूपी सरकार भैंस तो फटाफट ढूंढ लेती है लेकिन एक बेटी को न्याय नहीं दिला पाती.  मोदी ने राहुल-अखिलेश की दोस्ती पर निशाना साधते हुए जौनपुर की खराब सड़कों का जिक्र किया. उन्होने कहा, ‘अखिलेश जी एक काम करो अपने नए यार को साइकिल पर बैठाकर उसे जौनपुर की सड़को पर चलाकर दिखाओ.’

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देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश भारतीय राज्य में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. सियासी दलों के लिए करो या मरो जैसी लड़ाई की स्थिति है. 2014 में आम चुनाव जीतने के बाद से बीजेपी ने राज्य में हुए चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन किया है. ऐसे में उसके लिए यह जीत काफी अहम है. वहीं इस चुनाव को मोदी सरकार के नोटबंदी पर जनमत संग्रह के रूप में भी देखा जा रहा है. कई पार्टियों ने नोटबंदी को लेकर सरकार पर सवाल खड़ा किए थे और ऐसे में बीजेपी हारती है तो वह बुरी तरह से विपक्षियों के आरोपों के घेरे में आएगी.