नई दिल्ली: जमआत इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना सय्यद जलालुद्दीन उमरी ने तीन तलाक पर प्रतिबन्ध लगाने की प्रभावकारिता पर आशंका व्यक्त की है | जमआत इस्लामी हिन्द की महाना प्रेस मीट में मौलाना ने कहा कि – ट्रिपल तलाक पर प्रतिबन्ध लगाने से मुस्लिम महिलाओ को कोई फायदा नही होने वाला है बल्कि इसके विपरीत परिणाम निकलेंगे जैसे अगर पति अपनी पत्नियों को परेशान करना चाहे तो वह ऐसा करता रहेगा और पत्नियों को उनके अधिकारों से वंचित रख सकता है |

मौलाना उमरी ने कहा ” ट्रिपल तलाक पर पाबन्दी लगाना कई प्रकार की जटिल समस्याओं को जन्म देगा और इससे महिलाओ की मर्यादा और सम्मान को अघात पहुंचेगा |”

उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि मुसलमानों में तीन तलाक को लेकर जो मुस्लिम विरोधी लहर बनायी जा रही है वह निराधार है, मुसलमानों में तलाक का जो अनुपात है वो दूसरे धर्मो के मानने वालो से कई गुना कम है |
मुस्लिम पर्सनल लॉ जागरूकता अभियान के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद जाफर ने प्रेस कांफ्रेंस के आरम्भ में मीडिया कर्मियों को इस अभियान के बारे में के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जमआत इस्लामी हिन्द की ओर से चलाए गया मुस्लिम पर्सनल लॉ जागरूकता अभियान बहुत ही कामयाब रहा और इसके परिणाम भी हमारे सामने आने शुरू हो गए है | इस अभियान का मकसद मुसलमानों को उनके शरई कानूनों से जागरूक करने के साथ-साथ देश बंधुओं में जो इस्लाम और इस्लामी पारिवारिक कानूनों के बारे में फैली ग़लतफेह्मिया को दूर करना था |

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” मुसलमानों को तलाक का सही तरीका समझाने के लिए जुमे(शुक्रवार) के खुतबों में तक़रीर की गयी, मुसलमानों को शादी कम खर्चें में करने, दहेज़ न लेने या देने के साथ साथ विरासत में अपनी बहन बेटियों को हिस्सेदारी देने के लिए प्रोत्साहित किया गया | उलेमाओं और वकीलों के साथ बैठकें आयोजित की गयीं । इस अभियान के माध्यम से 14.5 करोड़ लोगो तक पहुँचने के लक्ष्य को प्राप्त किया गया,” मोहम्मद जाफर ।

आज के प्रेस कांफ्रेंस को जमआत इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय महासचिव मुहम्मद सलीम इंजीनियर ने भी संबोधित किया और देश में बढ़ती अराजकता पर चिंता व्यक्त की और निर्भया मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।