जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक को रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मलिक को यहां मैसुमा स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “उन्हें केंद्रीय जेल में भेजा गया है।” मलिक शनिवार को त्राल के रतसुना गांव गए थे, जहां उन्होंने सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर सबजार बट व फैजान अहमद के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी।

सबजार व फैजान सैमोह गांव में शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। सबजार ने आठ जुलाई, 2016 को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद संगठन की कमान संभाली थी। सबजार बट ने अप्रैल, 2015 में पूर्व कमांडर बुरहान वानी के छोटे भाई खालिद मुजफ्फर के मारे जाने के बाद आतंकवाद का दामन थामा था। त्राल में ही रहने वाले युवा मुजफ्फर की सुरक्षा बलों के हाथों मारे जाने से बट इतना इतना बौखला गया कि उसने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक जवान की राइफल छीन ली और आतंकवादी संगठन में शामिल होने जंगलों की ओर भाग गया। हिजबुल से जुड़ने के साथ ही बट को ऊंचा ओहदा दिया गया और वह वानी की मुख्य टीम का हिस्सा बन गया।

त्राल के रुस्तम गांव का रहने वाला बट पिछले दो साल से इलाके में बेहद सक्रिय था। पुलिस की वांछित सूची में ‘ए प्लस प्लस’ श्रेणी में सबसे ऊपर रखा गया बट पिछले वर्ष जुलाई में सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए वानी के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक तौर पर शामिल हुआ।

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बट की मौत के बाद पूरे कश्मीर में विभिन्न जगहों पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घायल हो गए।