आतंकवाद के आरोपों में वांछित विवादास्पद इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक ने मलेशिया की नागरिकता के लिए आवेदन किया है। यह जानकारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दी है। एनआईए ने कहा कि जब से एजेंसी ने जाकिर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने को लेकर इंटरपोल से संपर्क किया है तब वे वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। सूत्रों ने कहा कि समझा जाता है कि प्रचारक का मलेशिया में स्थायी आवास है और अब उसने वहां की नागरिकता की मांग की है लेकिन उसके आवेदन पर अभी तक कोई निर्णय नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि विवादास्पद प्रचारक के किसी भी देश की नागरिकता हासिल करने के प्रयासों को खत्म करने के लिए भारत सरकार अपने सभी राजनयिक चैनलों का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि मलेशिया के अधिकारी विवादास्पद इस्लामिक प्रचारक के खिलाफ लंबित आतंकवाद के मामलों से अवगत हैं। नाईक के खिलाफ आतंकवाद और धनशोधन के आरोपों की जांच चल रही है। उसके खिलाफ जांच शुरू होने के तुरंत बाद वह भारत से फरार हो गया था।

सूत्रों ने कहा कि वर्तमान में उसके ठिकाने का पता नहीं है और समझा जाता है कि वह यूएई, सऊदी अरब, अफ्रीकी ओर दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के बीच यात्राएं करता रहता है। विवादास्पद प्रचारक पर आरोप है कि उसने भड़काऊ भाषण के माध्यम से नफरत फैलाई, आतंकवादियों का वित्त पोषण किया और इन वर्षों में कई करोड़ रुपये का धनशोधन किया।

पड़ोसी देश बांग्लादेश में आतंकवादियों ने दावा किया था कि वे नाईक के भाषणों से प्रेरित होकर जिहाद कर रहे थे जिसके बाद एक जुलाई 2016 को वह भारत से फरार हो गया था। बता दें कि जाकिर नाईक वर्तमान में विदेश में हैं। उनके खिलाफ कई एजेंसियां इस्‍लामिक स्‍टेट से जुड़े आतंकियों को ढाका में हमला करने के लिए उकसाने के मामले की जांच कर रही है। यह आरोप लगने के बाद से नाईक भारत नहीं आए हैं।

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ढाका हमले से जुड़े कुछ आतंकी जाकिर नाईक से प्रेरित थे। इसके बाद से जाकिर नाईक पर शिकंजा कस गया था। बांग्‍लादेश सरकार ने नाईक की पीस टीवी पर बैन लगा दिया था। वहीं भारत सरकार ने भी जांच के आदेश दे दिए थे।