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Waqf Board Committee ने रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी, जानिए क्या अहम सिफारिशें हैं शामिल

संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के लिए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दी गई हैं।

हाल ही में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर अपनी रिपोर्ट को बहुमत से स्वीकृति दी है। इस रिपोर्ट में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं।

प्रमुख संशोधन:

  1. मुस्लिम ओबीसी प्रतिनिधित्व: राज्य वक्फ बोर्डों में अब मुस्लिम अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के एक सदस्य को शामिल किया जाएगा, जिससे व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।
  2. अघाखानी और बोहरा समुदायों के लिए अलग बोर्ड: राज्य सरकारों को अघाखानी और बोहरा समुदायों के लिए अलग वक्फ बोर्ड स्थापित करने की अनुमति दी गई है।
  3. महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकारों की सुरक्षा: वक्फ अलाल औलाद (पारिवारिक वक्फ) में महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रावधान किए गए हैं।
  4. वक्फ अलाल औलाद की आय का उपयोग: यदि वक्फ निर्माता (वाकिफ) द्वारा निर्दिष्ट किया गया हो, तो वक्फ अलाल औलाद की आय का उपयोग विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथों के समर्थन के लिए किया जा सकता है।
  5. ‘वक्फ बाय यूजर’ प्रावधान का हटाना: मौजूदा पंजीकृत ‘वक्फ बाय यूजर’ को वक्फ के रूप में मान्यता दी जाएगी, सिवाय उन मामलों के जहां संपत्ति विवाद में है या सरकार के स्वामित्व में है।
  6. गैर-मुस्लिम सदस्यों का समावेश: वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने का प्रावधान किया गया है, जो वक्फ मामलों में लाभार्थी, विवाद के पक्षकार या अन्यथा रुचि रखने वाले हो सकते हैं।
  7. उच्च न्यायालय में अपील का अधिकार: वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णयों के खिलाफ अब कोई भी प्रभावित व्यक्ति 90 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में अपील कर सकता है।

विपक्ष की आपत्तियां:

विपक्षी दलों ने इन संशोधनों पर आपत्ति जताई है, विशेष रूप से ‘वक्फ बाय यूजर’ प्रावधान को हटाने और वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम सदस्यों के समावेश को लेकर। उनका मानना है कि यह मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और वक्फ बोर्डों के कार्यों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ाएगा।

समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि ये संशोधन वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए आवश्यक हैं और इससे वक्फ बोर्डों की कार्यक्षमता में सुधार होगा।

यह विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है, जहां इस पर और चर्चा होने की संभावना है।

 

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