Visakhapatnam Gas Leak: विशाखापट्टनम के एलजी पॉलीमर प्लांट में गैस रिसाब ने 1984 की भोपाल गैस कांड (Union Carbide) और अब्दुल जब्बार भाई (सद्प्रयास) की याद दिला दी।
यहां विशाखापट्टनम (Gas Leak) में दुर्घटना तो घट ही चुकी है, आशा करनी चाहिए कि प्रभावितों के साथ वही व्यवहार नहीं होगा जो भोपाल गैस (Union Carbide) पीड़ितों के साथ हुआ।
उस दिन भी भोपाल (Bhopal) में हजारों लोग तड़फ रहे थे, मर रहे थे और भोपाल से दिल्ली तक अपने लोग (नेता और नौकरशाह) वारेन एण्डरसन (Warren Anderson), यूनियन कार्बाइड के चेयरमेन एवं सीईओ को सुरक्षित उसके घर अमेरिका पहुंचाने की व्यवस्था में प्रयासरत थे।
उस कांड के पीड़ित तीन पीढ़ियां न्याय पाने को लड़ती रहीं और चुनी हुई सरकारें व अदालतें उनका मज़ाक उड़ाती रहीं।
उन लड़ाकुओं की कतार के एक अगुआ अब्दुल जब्बार (Sadprayas) भाई समेत कई लोग सदा के लिए चले गए, लेकिन लड़ाई अब भी जारी है।
उस लापरवाही और इंसानी गरुर और मजबूरी की कहानी की कड़ियां भोपाल ( Bhopal Gas Tragedy) से दिल्ली तक आज भी इधर उधर बिखरी हुई मिल जाएंगी।
Vizag Gas Leak मामला है क्या
ध्यान रहे कि आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के आर.आर. वेंकटपुरम गांव में एक फार्मा कंपनी में गैस लीकेज का मामला सामने आया था . स्थानीय प्रशासन और नेवी ने फैक्ट्री के पास के गांवों को खाली करा गया . इस हादसे में 11 लोगों की मौत, जबकि 300 से अधिक लोगों की हालत गंभीर हो गयी थी .
आरआर वेंकटपुरम में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी से सुबह 2.30 बजे खतरनाक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था . इस जहरीली गैस के कारण फैक्ट्री के तीन किलोमीटर के इलाके प्रभावित हैं.
सीएम जगन मोहन रेड्डी ने मुआवजे का ऐलान किया. हादसे के कारण जान गंवाने पर लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके साथ ही पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये और डिस्चार्ज किए जा चुके लोगों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी. साथ ही पूरे मामले की 5 सदस्यीय कमेटी जांच करेगी.
