देहरादून. योगी सरकार ने लगभग 17 सालों से लटका हुआ काम एक झटके में पूरा करते हुए त्रिवेंद्र सरकार को एक बड़ा तोहफा दिया है. बता दें कि उत्तराखंड से निकलने वाली गंगा नहर सहित कई नहर आज भी उत्तर प्रदेश के कब्जे में है. सपा और बसपा सरकारों के कारण ये सम्पति और नहर विवाद सुलझ नहीं पाया था. हर बार इस मामले को लेकर उत्तराखंड सरकार और यूपी सरकारों में बात होती थीं, लेकिन उत्तर प्रदेश से कोई सही जवाब नहीं मिल पाता था.
अब दोनों राज्यों में बीजेपी की सरकार बनने के बाद एक हफ्ते में ही असर दिखना शुरू हो गया. उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने 33 नहरों को उत्तराखंड के हवाले कर दिया है. इस काम के होने के बाद गुरुवार देर रात त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को फोन करके शुक्रिया किया.
बताया जा रहा है कि अन्य लम्बित सम्पत्तियों के हस्तांतरण के प्रकरण को जल्द सुलझा लिया जायेगा. पहली बार व्यावहारिक रूप से दोनों राज्यों की परिसम्पत्तियों के मामलों पर अब व्यवहारिकता से काम शुरू हुआ है. प्रशासन का कहना है कि लम्बित प्रकरणों को लेकर दोनों राज्यों के अधिकारियों की बैठक जल्द की जायेगी.
उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत ने सीएम योगी आदित्यनाथ को फोन करके आभार जताया.