नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र 2025-26 का दूसरा चरण 10 मार्च 2025 से शुरू होकर 4 अप्रैल 2025 तक चलेगा। इस दौरान कुल 20 बैठकें (Sittings) आयोजित की जाएंगी। इस सत्र में आवश्यक विधेयकों पर चर्चा और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान मांगों (Demands for Grants) और अनुपूरक अनुदान विधेयक (Appropriation Bill) पर मतदान किया जाएगा।

क्या रहेगा बजट सत्र के दूसरे चरण में खास?

बजट सत्र के दूसरे चरण में कई अहम मुद्दों पर चर्चा और विधेयकों को पारित करने पर जोर दिया जाएगा। इसके तहत सरकार निम्नलिखित महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद में चर्चा और पारित करने के लिए पेश करेगी:

1. बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2025

यह विधेयक देश में बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने और वित्तीय क्षेत्र में सुधार लाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है।

2. तटीय शिपिंग विधेयक, 2024

यह विधेयक भारत के तटीय क्षेत्रों में शिपिंग संचालन को बेहतर बनाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है।

3. त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक

इस विधेयक का उद्देश्य एक नए सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना करना है, जो सहकारी क्षेत्र में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देगा।

4. आप्रवासन और विदेशियों विधेयक, 2025

यह विधेयक भारत में आप्रवासियों और विदेशी नागरिकों के नियमन और नियंत्रण से संबंधित है। इसके माध्यम से आप्रवासन नियमों को और मजबूत करने का प्रावधान किया गया है।

5. रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2025

इस विधेयक के माध्यम से रेलवे अधिनियम में बदलाव कर रेलवे संचालन को और अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाया जाएगा।

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अनुदान मांगों पर होगी चर्चा और मतदान

बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान मांगों (Demands for Grants) और अनुपूरक अनुदान विधेयक (Appropriation Bill) पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा में इस पर मतदान किया जाएगा।


पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त हुआ था

गौरतलब है कि बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी 2025 से 13 फरवरी 2025 तक चला था। इस दौरान वित्त मंत्री द्वारा आम बजट 2025-26 पेश किया गया था।


सरकार के लिए अहम होगा यह सत्र

बजट सत्र का दूसरा चरण सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान मांगों को स्वीकृति दिलाना और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराना सरकार के लिए प्राथमिकता होगी। विपक्ष भी इस सत्र के दौरान सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने का प्रयास कर सकता है।


निष्कर्ष

10 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र 2025-26 के दूसरे चरण में देश के आर्थिक और विधायी भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन से विधेयक पारित होते हैं और देश के आर्थिक विकास के लिए कौन-कौन से फैसले लिए जाते हैं।