गंगा, यमुना और चनाब आदि नदियां सुख जाएंगी, यदि कोई ऐसा कहे तो सब उसे पागल कहेंगे। लेकिन यह सच हो सकता है क्योंकि हिमालय…
पर्यावरण एक चिन्तनीय विषय है, औपचारिकता नहीं। पर्यावरण कोई बाज़ारी वस्तु नहीं, जीवन की अनिवार्यता है। आज के व्यवसायी युग में हर वस्तु की तरह…