इधर बेचारे लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग किए हुए दो महीने भी नहीं हुए थे कि लद्दाख के अति उत्साही नेतृत्व (धार्मिक) ने अपने रंग…
इतिहास गवाह है जब भी कभी कोई नया क्षेत्र खुलता या खोला जाता है, चाहे वह सभ्यता, विकास या वर्तमान के लोकतन्त्र और मानवाधिकार रक्षा…