उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों से संबंधित मामलों की जांच की निगरानी के लिए तीन सदस्यों वाला नया जांच दल गठित किया जाएगा।
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह प्रस्तावित विशेष जांच दल के सदस्यों के नाम आज ही सुझाए ताकि उनपर विचार कर नियुक्ति की जा सके।
प्रस्तावित विशेष जांच दल की अध्यक्षता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश करेंगे और इसमें एक सेवानिवृत्त तथा एक सेवारत पुलिस अधिकारी भी शामिल रहेंगे। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी पुलिस महानिरीक्षक से नीचे के पद से रिटायर नहीं होना चाहिए।
उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि इस मामले में उसके द्वारा नियुक्त प्रक्षेक संगठन ने पाया है कि कुल दो सौ इक्तालीस मामलों में से 186 को बिना जांच किए ही बंद कर दिया गया।
सर्वोच्च अदालत ने आज प्रेक्षक संगठन की रिपोर्ट पर विचार किया, जिसे अदालत के सामने सील बंद बक्से में पेश किया गया।