सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवम्बर के अयोध्या भूमि विवाद मामले में अपने फैसले पर पुनर्विचार संबंधी सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। उच्चतम न्यायालय के इस फैसले से विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने एकमत से रिव्यू पिटिशन को खारिज कर दिया। बता दें कि अयोध्या के ऐतिहासिक फैसले वाली पीठ में जस्टिस बोबड़े, डी वाई चंद्रचूड़ और अब्दुल नजीर भी शामिल रहे हैं।
अयोध्या पर यह था फैसला
उल्लेखनीय है कि नवंबर में तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मत फैसले में 2.77 एकड़ की विवादित भूमि की डिक्री ‘राम लला विराजमान’ के पक्ष में की थी। इसके साथ ही राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ हो गया। उन्होंने इसके साथ ही अयोध्या में ही मस्जिद निर्माण के लिये उप्र सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्देश केंद्र सरकार को दिया था।
