भाजपा के दिल्ली मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एसएम कृष्णा भाजपा में शामिल हो गए.

84 वर्षीय कृष्णा चार दशक तक कांग्रेस से जुड़े रहे. उन्होने 29 जनवरी को कांग्रेस में अपनी मूल विचारधारा में बदलाव व निर्णय में वरिष्ठ नेताओं के लिए सम्मान का हवाला देते हुए उन्हें कांग्रेस से दशकों पुराने संबंधों को समाप्त कर दिया था.

भाजपा में शामिल होने के उनके इस कदम पर बहुत अटकलें थी और इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि वह जनता दल (सेक्युलर) में शामिल होने से इनकार करने के बाद सत्तारुढ़ भाजपा में शामिल होंगे.

राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता केएस ईश्वरप्पा ने कहा, कृष्णा केंद्र व राज्य के अनुभव के साथ बहुत वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं. उन्होने कहा, मंड्या क्षेत्र में उनके व्यक्तिगत प्रभाव के अलावा बेंगलुरु में अपने शैक्षणिक विकास कार्यों के लिए पसंद किया जाता है.

हालांकि राजनीतिक विश्लेषक उनके प्रभाव और वोटरों को खींचने की उनकी क्षमता के बारे में आश्वस्त नहीं हैं. इसके अलावा भाजपा में लगभग 75 साल से ऊपर के हर नेता को दरकिनार कर दिया गया है. यह स्पष्ट नहीं है कि कृष्णा के  शामिल होने से पार्टी कितनी सीढ़ियां ऊपर चढ़ पाएगी.

कृष्णा साल 1999 से 2004 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे. साल 2012 में विदेश मंत्री के रुप में पद छोड़ने बाद वह राज्य की राजनीति में लौट आए थे.  इसके अलावा उन्होने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रुप में भी काम किया है.

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राज्य के पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष सीएस द्वारकानाथ ने कहा कि कृष्णा वोकलिगास के बीच बड़े नेता थे लेकिन वोकलिगास के बीच में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की तरह कभी नहीं रहे हैं.