प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राइल और जर्मनी की पांच दिन की यात्रा के बाद आज तड़के दिल्ली पहुंचे। उनकी इस यात्रा को कई मायनों में ऐतिहासिक और नई दिशा देने वाली माना जा रहा है। मोदी इस्राइल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इस्राइल यात्रा में मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बीनयामिन नेतनयाहू के बीच सच्ची मित्रता और गर्मजोशी का माहौल दिखाई दिया। नेतनयाहू, प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रत्येक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। दोनों देशों ने अपने रक्षा सहयोग को सामरिक स्तर के संबंधों तक ले जाने की सहमति व्यक्त की। दोनों देशों ने कृषि और जल संरक्षण में सहयोग के वर्तमान स्तर को सामरिक भागीदारी तक ले जाने का फैसला किया।

भारत और इस्राइल ने नवाचार, प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, स्टार्ट-अप और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से द्विपक्षीय सहयोग के लिए विशेष ध्यान केंद्रित करने वाला क्षेत्र माना। इस यात्रा के दौरान चार करोड़ डॉलर के संयुक्त प्रौद्योगिकी नवाचार कोष के गठन और भारत और इस्राइल के बीच सीधी विमान सेवा की घोषणा महत्वपूर्ण रही। दोनों देशों ने विकास के संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जल संरक्षण, कृषि और अंतरिक्ष अनुसंधान में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।

प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दूसरे चरण में जी-20 देशों के 12वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए हैम्बर्ग पहुंचे। इस समूह के सदस्य देशों द्वारा आतंकवाद के खिलाफ एक ठोस कार्ययोजना स्वीकार कराने में भारत की नेतृत्व प्रदान करने की भूमिका रही। भारत ने विश्व में आतंकवाद पर काबू पाने के लिए एक व्यापक 11 सूत्रीय कार्ययोजना प्रस्तुत की।

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जी-20 देश  आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने को रोकने की व्यावहारिक नीतियां तय करने पर भी सहमत हुए। नेताओं ने माना कि आतंकी इंटरनेट और सोशल मीडिया को दुरुपयोग के लिए प्रभावी माध्यम मानते हैं। इसे देखते हुये जी-20 देशों के नेता कट्टरवाद और आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे आपत्तिजनक पोस्ट का पता लगाकर उसे हटवाने के उपाय करने पर भी सहमत हुए।

जी-20 शिखर बैठक में भारत ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ स्पष्ट योजना और नीति बनाने के लिए कार्य करने के वास्ते सदस्य देशों में  नेतृत्व की निर्णायक भूमिका निभाई। सम्मेलन के अंत में जारी जी-20 घोषणापत्र में भी भारत के नेतृत्व की भूमिका दिखाई दी। भारत ने जलवायु परिवर्तन, मुक्त व्यापार और सतत विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अपना स्पष्ट रवैया दिखाया।