Sadprayas

125 करोड़ देशवासी संकल्प लें तो न्यू इंडिया बनना नामुमकिन नहीं- ‘मन की बात’ में पीएम मोदी

नमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मन की बात के 30वें एपिसोड के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होने कहा कि आजकल स्टुडेंट्स के एग्जाम चल रहे हैं और माता पिता को उनका ध्यान रखना चाहिए. जिन स्टूडेंट्स के एग्जाम खत्म हो चुके हैं, उनके घरों में शांति का माहौल है. पीएम ने बांग्लादेश को उसके स्वतंत्रता दिवस पर मुबारकबाद भी दी. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के साथ भारत-कंधे से कंधा मिलाकर काम करता रहेगा. पीएम ने गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के अलावा बांग्लादेश का भी राष्ट्रगान लिखा था. इसके बाद प्रधानमंत्री ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि दी. पीएम ने कहा कि 23 मार्च, 1931 को इस तीनों शहीदों को फांसी पर लटका दिया गया था.

पीएम ने कहा कि जलियांबाग कांड ने भगत सिंह को हिलाकर रख दिया था. उस समय वह बहुत छोटे थे. मोदी ने युवाओं से गुजारिश करते हुए कहा कि कभी आप पंजाब जाएं तो इनके बारे में जरूर जानें. 30वें मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी को भी याद किया. उन्होंने कहा कि आज जो गांधी जी की छवि है वह चंपारण सत्याग्रह से बिल्कुल उलट है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले किसी भी शख्स के लिए चंपारण सत्याग्रह बहुत मुश्किल था. गांधी जी ने राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य नेताओं को गांव भेजा था, ताकि लोगों से जुड़ा जा सके. लोगों को बिल्कुल समझ नहीं आ रहा था कि गांधीजी के काम करने का तरीका क्या है. लेकिन गांधीजी ने दिखाया कि असहयोग क्या होता है, असहमति क्या होती है.

मन की बात में पीएम ने कहा कि संघर्ष और सृजन गांधी जी के जीवन के दो पहलू थे. पीएम ने कहा कि आज कई लोग रोज अस्पताल जाते हैं, लोगों की मदद करते हैं, रक्तदान करते हैं. कोई भूखा है तो उसके भोजन की व्यवस्था करते हैं. उन्होंने कहा कि जनसेवा ही प्रभु सेवा है. पीएम ने कहा कि न्यू इंडिया की आलोचना होना जाहिर है, लेकिन अगर 125 करोड़ देशवासी संकल्प कर ले तो यह नामुमकिन नहीं है. अगर हर नागरिक संकल्प करे कि मैं सप्ताह में एक दिन पेट्रोल डीजल का उपयोग नहीं करूंगा तो न्यू इंडिया का सपना पूरा होगा. पीएम ने कहा कि अब गरीब से गरीब भी डिजिटल पेमेंट करना सीख रहा है. उन्होंने कहा कि कालेधन की लड़ाई को हमें आगे बढ़ाना है. पीएम ने कहा कि हमारा सपना ढाई हजार करोड़ के डिजिटल पेमेंट्स का है. हम चाहे रेलवे टिकट बुक करें या हवाई जहाज की, सब डिजिटल पेमेंट से करें.

इसके बाद पीएम ने लोगों द्वारा भेजे गए सुझावों पर बात की. उन्होंने 11वीं क्लास में पढ़ने वाली देहरादून की गायत्री का एक मैसेज देशवासियों को बताया. इसमें गायत्री ने कहा कि था कि लोगों को साफ-सफाई के बारे में जागरुक करना जरूरी है. उसने यह भी बताया कि उसने कोशिश की थी, लेकिन वह विफल रही. इस पर पीएम ने कहा कि स्वच्छता आंदोलन से ज्यादा आदत से जुड़ी होती है. काम कठिन है, लेकिन मुमकिन है. इसके बाद पीएम ने कहा कि मुझे भेजे गए सुझावों में ज्यादातर लोगों ने खाने की बर्बादी पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि शादी ब्याह में लोग प्लेट में खाने की चीजें भर लेते हैं, लेकिन खाते नहीं है. बाद में वह बर्बाद चला जाता है. पीएम ने कहा कि जरा सोचिए उस खाने से कितने गरीबों का पेट भरा जा सकता है.

Exit mobile version