आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2017 को संकल्प का वर्ष बनाने की अपील की है। उन्होंने देशवासियों से अगस्त के इस महीने में एकजुट होकर गंदगी, गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद और संप्रदायवाद भारत छोड़ो का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मोदी ने कहा कि आज की आवश्यकता करेंगे या मरेंगे कि नहीं, बल्कि संकल्प के साथ जुड़ने और नए भारत के निर्माण के लिए जी-जान से पुरूषार्थ करने की है। उन्होंने इस वर्ष 9 अगस्त से संकल्प से सिद्धि का एक महाअभियान चलाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह संकल्प हमें अगले पांच वर्षों में सिद्ध करके दिखाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे 1942 से 1947 तक के पांच साल आजादी के लिए निर्णायक बन गए थे, वैसे ही हमें 2017 से 2022 तक के पांच वर्ष को भारत के भविष्य के लिए निर्णायक बनाना है।
मोदी ने कहा कि पांच साल बाद देश अपनी आजादी की 75वीं सालगिरह मनाएगा। उन्होंने कहा कि अगस्त का यह महीना क्रांति का महीना है और 1 अगस्त, 1920 से ही असहयोग आंदोलन और 9 अगस्त, 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन प्रारंभ हुआ था तथा 1947 में 15 अगस्त को देश आजाद हुआ था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के कई हिस्सों -असम, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में बाढ़ पीडि़तों की सेवा के लिए केन्द्र सरकार, सशस्त्र बलों के जवान, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल-एनडीआरएफ और अर्द्ध सैनिक बलों के जवान जी-जान से जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीमा कंपनियों और विशेष रूप से फसल बीमा कंपनियों को सतर्क रखने की योजना बनाई है ताकि किसानों के दावों का तुरंत निपटान हो सके। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1078 चौबीसो घंटे काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे अपने कार्यकलाप मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार रखें ताकि नुकसान से बचा जा सके।
मोदी ने इस बात पर खुशी और संतोष व्यक्त किया कि वस्तु और सेवा कर-जी एस टी के लाभ गरीबों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई गरीब मुझे चिट्ठी लिखकर कहते हैं कि जी एस टी को लेकर शुरू में डर था लेकिन अब जब वे उसे समझने लगे हैं तो उन्हें लगता है, काम पहले से ज्यादा आसान हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब व्यापार अधिक आसान हो गया है और ग्राहकों का भी व्यापारी के प्रति भरोसा बढ़ने लगा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। हाल ही में महिला विश्वकप क्रिकेट में भारतीय टीम ने शानदान प्रदर्शन किया है। मोदी ने कहा कि यह पहली बार हुआ, जब हमारी विश्वकप में सफल नहीं हो पाई, तो सवा सौ करोड़ देशवासियों ने उस पराजय को अपने कंधे पर ले लिया और जरा सा भी बोझ उन बेटियों पर नहीं पड़ने दिया।
कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात संबोधन से भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब नहीं मिलता। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने नई दिल्ली में कहा कि मन की बात संबोधन का जनता की सोच से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार समाप्त करने की बात तो करते हैं, लेकिन पनामा पेपर मामले की अनदेखी करते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के मन की बात में बेरोजगारी की समस्या का कोई उल्लेख नहीं होता।