बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुमत हासिल कर लिया है। विश्वास मत के दौरान नीतीश के पक्ष में 131 वोट पड़े, वहीं विपक्ष के समर्थन में 108 वोट पड़े। बहुमत हासिल करने के लिए नीतीश को 122 मत की जरुरत थी।

पहले ध्वनिमत से विश्वास प्रस्ताव पर फैसला होना था, लेकिन बाद में मत विभाजन का फैसला लिया गया। विधानसभा में जेडीयू के 71, एनडीए के 58 विधायक हैं। खबर है कि तीन निर्दलीय विधायकों ने भी नीतीश का समर्थन किया है। स्पीकर जेडीयू के हैं, लिहाजा उनका वोट नहीं पड़ा.

वहीं नीतीश के बहुमत हासिल करने के बाद तेजस्वी यादव ने नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश ने भाजपा के सामने घुटने टेक दिए हैं।

वोटिंग से पहले सदन में हंगामा 

विश्वास मत से पहले बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने नीतीश पर जमकर हमला बोला। इसके जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि ये कांग्रेस के लोग अहंकार में जीने वाले लोग हैं।

नीतीश ने कहा कि 15 से ज्यादा सीटें कांग्रेस को नहीं मिलने वाली थीं, लेकिन हमने महागठबंधन में 40 सीटों पर चुनाव लड़वाया। विश्वास मत से पहले राजद विधायक सदन में लगातार हंगामा करते रहे। राजद विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना भी दिया. तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर सदन में तीखे हमले किए।

छठी बार सीएम बने थे नीतीश

नीतीश कुमार ने गुरुवार को छठी बार बिहार के सीएम पद की शपथ ली। राजभवन में सुबह दस बजे राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने नीतीश को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

You May Also Like  सरकार बताए ताजमहल मकबरा है या शिव मंदिर: सूचना आयोग

इससे पहले बुधवार देर रात को नीतीश कुमार ने बीजेपी नेताओं के साथ राज्यपाल को 132 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था, जिसमें जेडीयू के 71, बीजेपी के 53, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के 2, एलजेपी के 2, जीतनराम मांझी की पार्टी ‘हम’ के 1 और 3 निर्दलीय विधायक शामिल हैं।

आरजेडी ने राज्यपाल के फैसले को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में आरजेडी की याचिका मंजूर कर ली गई है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी।