देश में कोरोना वायरस के चलते एक समुदाय विशेष पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली में निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के लोगों में कोरोना वायरस पाए जाने के बाद देश में कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या अचानक बढ़ गयी थी । जिसके बाद दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविन्द केजरीवाल से लेकर स्वस्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता लव अग्रवाल ने भी जमात के मरीज़ों का आंकड़ा देश के कुल कोरोना से संक्रमित मरीज़ों से बार बार अलग बताया जिससे लोगों में ये धरना पैदा हुई । अब उसी मामले में सरकार का रुख साफ़ करने के लिए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत की ।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि धर्मनिरपेक्षता और सद्भाव राजनीतिक फैशन नहीं है, बल्कि यह भारत और भारतीयों के लिए एक अच्छा जुनून है। संवाददाताओं से बातचीत में केंद्रीय मंत्री नकवी ने कहा कि समावेशी संस्कृति और प्रतिबद्धता ने देश को, अनेकता में एकता के तानेबाने के साथ एकजुट किया है।
नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यकों सहित सभी नागरिकों के संवैधानिक, सामाजिक और धार्मिक अधिकार, भारत की संवैधानिक और नैतिक गारंटी है। नकवी ने कहा कि भारत में मुसलमान समृद्ध हैं और जो लोग माहौल को ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं, वे उनके मित्र नहीं हो सकते।
उन्होंने कहा कि लोगों को दुष्प्रचार के उद्देश्य से फैलाई जा रही फर्जी खबरों और साजिशों से सावधान रहना चाहिए।
भारत में कोरोना के फैलाव के लिए मुस्लिम समुदाय को ज़िम्मेदार ठहराए जाने को लेकर दुनिया भर से भारत सरकार की आलोचना हो रही है ।
