राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल को मात्र तीन महीने ही शेष हैं. ऐसे में भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने राष्ट्रपति पद के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के नाम का प्रस्ताव लाकर सबको हैरान कर दिया है. शिवसेना ने कहा कि भाजपा के वैचारिक गुरु माने जाने वाले मोहन भागवत के नाम पर मोदी सरकार को विचार करना चाहिए.
शिवसेना विधायक और पार्टी से जुड़ी पत्रिका ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने कहा, हमने सुना है कि मोहन भागवत के नाम पर विचार चल रहा है. मैं सोचता हूं यह सही है और बीजेपी को उनके नाम पर विचार करना चाहिए.’
लेकिन उन्होने आगे जोड़ते हुए कहा कि पद के समर्थन का फैसला पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा ही लिया जाएगा और यह जरुरी भी है कि उनसे परामर्श किया जाए.
उन्होने कहा, किसी को उद्धव जी से बात करनी चाहिए, वह मुंबई में हैं. अगर आप राष्ट्रपति पद उम्मीदवार (मोहन भागवत) के लिए हमारा समर्थन चाहते हैं तो मुंबई आइए और उद्धव जी से मिलें.
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई में समाप्त होने जा रहा है और अटकलें हैं कि देश के उच्चतम कार्यालय के लिए मोदी सरकार नए चेहरे की तलाश करेगी.
जब उनसे पूछा गया कि इस बीच खबर है कि ठाकरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस माह के अंत में एनडीए की बैठक में आमंत्रित किया गया है? तो जवाब में राउत ने सवाल करते हुए कहा कि क्या निमंत्रण देखा है?
उन्होने आगे कहा, एनडीए की ऐसी बैठकें हो रही हैं लेकिन इस महत्वपूर्ण पोस्ट के लिए चुनाव एक बहुत बड़ी बात है. अगर आप हमारा समर्थन चाहते हैं तो आपको मुंबई आकर हमें निमंत्रण (Invitation) देना चाहिए.
भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहे तनावपूर्ण रिश्तों के बीच में ठाकरे ने घोषणा की कि वह भविष्य में भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेगी.