सोशल मीडिया में वायरल खबर के अनुसार ब्लू व्हेल चैलेंज के नाम से मशहूर खूनी खेल भारत में दाखिल हो चुका है हाल ही में मुंबई के एक 14 साल के बच्चे किशोर मनप्रीत की इस गेम को खेलने के बाद आत्महत्या की बात सामने आयी है। मनप्रीत ने गेम के चैलेंज को पूरा करने के लिए 7वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली थी।

भारत में यह गेम हाल ही चर्चा में आया है, लेकिन रूस से लेकर अर्जेंटीना, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, चीन, जॉर्जिया, इटली, केन्या, पराग्वे, पुर्तगाल, सऊदी अरब, स्पेन, अमेरिका, उरुग्वे जैसे देशों में कम उम्र के कई बच्चों ने इस चैलेंज की वजह से अपनी जान गंवाई है। इससे हुई मौत के आंकड़े तो हर जगह अलग अलग हैं। लेकिन कम से 200 से ज्यादा युवा अपनी जान गंवा चुके हैं अब तक इस गेम के चक्कर में।

इस गेम में प्रतियोगियों को 50 दिनों में 50 अलग-अलग टास्क पूरे करने होते हैं और हर एक टास्क के बाद अपने हाथ पर एक निशान बनाना होता है। इस गेम का आखिरी टास्क आत्महत्या होता है। गेम की शुरुआत हल्के टास्क जैसे की डरावनी फिल्म देखने से शुरू होती है जोकि धीरे-धीरे और ज्यादा दर्दनाक होती जाती है आपको बॉलीवुड में रिलीज़ टेबल नंबर 21 याद होगी जिसमें एक युवक-युवती के जोड़े को टास्क खिलाये जाते हैं जो शुरू में आसान होते हैं लेकिन धीरे धीरे टास्क खतरनाक होते जाते है।

अभी तक ये समझ नहीं आ रहा कि इस खेल को कहा और कैसे खेला जा रहा है। कही से खबर आ रही है कि ये एक ऑनलाइन गेम है जिसे मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप पर खेला जा रहा है। लेकिन पड़ताल करें तो मालूम चलता है कि इस तरह की कोई गेम ना तो ऑनलाइन डाटाबैंक में है न ही प्ले-स्टोर जैसी किसी जगह में उपलब्ध है।

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वही दूसरा अंदेशा इस खेल को लेकर ये भी है कि ये एक टारगेट बेस्ड गेम है जिसमें भोले भाले बच्चों को शिकार बनाया जाता है। इसमें लम्बे समय तक बच्चों से उनके बारे में काफी कुछ जान लिया जाता है। ये जान पहचान किसी भी सोशल नेटवर्क के मांध्यम से बढ़ाई जाती है। फिर शुरू होता है ब्लू व्हेल नाम का खतरनाक खेल जो शायद अभी आपकी गली मोहल्ले में भी खेला जा रहा हो।

इस गेम के पीछे एक से अधिक लोग हैं, लेकिन फिलहाल जो गिरफ़्त में है, उसका नाम है फिलिप बुदेकिन। 21 साल का फिलिप रूस का रहने वाला है और माना जाता है कि रूस से ही इस जानलेवा खेल की शुरुआत हुई थी।

गेम के एडमिन में से एक फ़िलिप को इसी साल मई में नौजवानों को ख़ुदकुशी के लिए उकसाने का दोषी पाया गया था।

अब जांच के बाद ही पता चल पायेगा की इस खेल को कैसे और कहा खेला जाता है और अब तक ये खुनी खेल कितना नुक्सान कर चुका है।

घर के माता-पिता के लिए ये सुझाव है कि वे अपने बच्चों पर नज़र रखें कि वे सोशल नेटवर्क पर क्या क्या कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।