ऊना आंदोलन के एक साल पुरे होने पर दलित और अल्पसंख्यक के खिलाफ चल रही दरिंदगी के खिलाफ गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित ‘ऊना कूच’ में शामिल होने गए जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और ऊना दलित आंदोलन को लीड करने वाले जिग्नेश मेवानी को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कल आयोजित इस कूच में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न शहरों से प्रगतिशील लोगों का जमावड़ा हुआ था।

बताते चलें कि पिछली साल मरी हुई गाय को विस्मृत करने के लिए जा रहे 4 दलित युवकों को गौरक्षक गुंडों के द्वारा पीट-पीट के अधमरा कर दिया गया था जिसके बाद दलित समुदाय के बीच से प्रतिक्रियाओं का आना शुरू हो गया था। तत्पश्चात जिग्नेश मेवानी के नेतृत्व में लोगों ने सड़क पर आकर इसका प्रतिकार किया गया था और उसी आंदोलन से ‘गाय की पूछ तुम रखो,हमें हमारी जमीन दो’ के नारे के साथ आवाज बुलन्द की गयी थी। जिसके फलस्वरूप गुजरात सरकार को दलितों के लिए जमीन आवंटित करनी पड़ी थी। आंदोलन का सफल नेतृत्व करने वाले जिग्नेश मेवानी को इस बीच कई बार गिरफ्तार किया गया था और उनपर केस भी दर्ज किये गए थे।

ऊना आंदोलन के एक साल बाद अहमदाबाद में आयोजित इस कूच में शामिल होने कन्हैया कुमार भी गए हुए थे जिन्हें बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया गया है। कन्हैया के साथ-साथ जिग्नेश, रेशमा पटेल और रजा की भी गिरफ़्तारी हुई है। पुलिस के तरफ से कोई भी जानकारी नही दी जा रही है कि इन लोगों को गिरफ्तार करके कहाँ पर रखा गया है। इस गिरफ्तारी के खिलाफ एक बार फिर से सड़क पर प्रगतिशील लोगों का प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

You May Also Like  कन्हैया कुमार की बड़ी जीत, दिल्ली सरकार की रिपोर्ट में मिली क्लीन चिट