1 परामर्श

कोरोना मैडम
अब तो चली जाओ
उतना आदर-सत्कार तो
ट्रम्प-मेलानिया का भी
नहीं किया था
जितना
तुम्हारा और
तुम्हारे कोविड-19 का
किया है।
तुम्हारे लिए तो
बिना मंदिर के
थालियां, घंटे-घंटियां
बजवा दिये।
बिना दिवाली के
दीये जलवा, पटाखे फुड़वा दिये
अब तो
बिना गणतन्त्र/स्वतन्त्रता दिवस के
सैनिक बैंड बजवा-
जल और वायु सेना की
सलामी दिलवा दी।
कोरोना मैडम
अब तो चली जाओ।

2
चेतावनी

कोरोना मैडम
अब तो चली जाओ।
चेता रहा हूं
चली जा
नहीं तो आदतन
तुम्हें देवी और
तुम्हारे कोविड-19 को
देवता बना कर
भव्य मंदिर बना देंगे
और
एक बोर्ड लगा देंगे
लिखा होगा-
‘कोरोना देवी’
‘कोविड-19 देव’ के
प्राचीन मंदिर।
इसलिए कहता हूं
अपना भला चाहती हो तो
तत्काल चली जाओ
कोरोना मैडम
अब तो चली जाओ।

3
चुनौती

कोरोना मैडम
अब तो चली जाओ।
इन्साफ अली
और
जमलो मकदम भी
मेरे देश के थे
जो
मरने से पहले
भूखे, प्यासे
सैंकड़ों मील
पैदल चलने की हिम्मत
रखते थे।

4 सूचना

सूचना के वास्ते
बता दूं कि
जो लोग तुम्हें
बुला कर
हवाई जहाज में
लेकर आये थे
और
कई-2 गरीब
अलियों और मकदमों को
मरवा दिया
और मरवायेंगे
वे स्वार्थी धोखेबाज
अब अपने-2 वातानुकूलित नरकों में
छिप गये हैं।
कोरोना मैडम
अब तो चली जाओ।
लेकिन
एक बात और भी
याद रखना
अपने पास
अब भी शेष हैं
अनगिनत
अली और मकदम
जो
तुम से नहीं डरते
और
न तुम्हारे कोविड-19 से,
डरते हैं तो
सिर्फ अपने
सब से बड़े शत्रु
भूख से डरते हैं।
कोरोना मैडम
अब तो चली जाओ।
नहीं तो
अपने पास
अनगिनत
पुराने टोटके भी
अचूक मंत्र भी
झाड फूंक और
औझा पीर भी
सिद्ध पुरुष
और उपचार के
प्राचीन उपाय भी
मौजूद हैं
इस लिए भी
कह रहा हूं
कोरोना मैडम
अब तो चली जाओ ।

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