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‘दलित’ बनाम ‘अनुसूचित जाति’

New Delhi: Members of Dalit community display a portrait of Bhim Rao Ambedkar during 'Bharat Bandh' against the alleged 'dilution' of Scheduled Castes / Scheduled Tribes act, in New Delhi, on Monday. PTI Photo by Ravi Choudhary(PTI4_2_2018_000098B)

‘दलित’ परिणाम है
उदविकास का,
अछूत से हरिजन
हरिजन से दलित
बनने में
सैंकड़ों साल का समय
और
बुद्ध, फुले, पेरियार
अम्बेडकर जैसे
असंख्य महात्माओं के
बलिदानों और संघर्ष का।

जबकि
अनुसूचित जाति
स्वतंत्र भारत में
सामाजिक न्याय हेतु
संविधान में प्रयुक्त
एक नामावली मात्र।
जिस भी पल
देश का बहुसंख्यक
चमार, कोली, चनाल
लुहार, हाली, भंगी
हजारों टुकड़े जुड़
‘दलित’ बनने पर
गर्व करेगा
उस पल,
सच मानिये!
देश के आसमान पर
एक नया सूरज
चमकेगा, दमकेगा
देश का नक्शा
बदल जायेगा।

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