हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से आई बाढ़ में राज्यी परिवहन निगम की दो बसों के बह जाने से 40 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका है। ये दुर्घटना मंडी जिले के उरला में हुई। सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल शवों को निकालने में जुटे हैं। मलबे से अब तक 17 शव निकाले जा चुके हैं। घायल यात्रियों का पद्धर अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बता दें कि रात को एक बजे पद्धर उपमंडल के कोटरूपी के पास भारी भूस्खलन हुआ। इसमें दो बसों, एक जीप और एक बाइक के चपेट में आने की आशंका है। इसमें करीब 40-50 लोग सवार बताए जा रहे हैं। डीसी मंडी संदीप कदम बचाव दल के साथ मौके पर मौजूद हैं।
एक बस के ऊपर से मलबा हटाया जा चुका है। दूसरी बस करीब 800 मीटर खाई में गिरी हुई है। भूस्खलन की वजह से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप है। वहीं, मनाली चंडीगढ़ हाईवे को एहतियातन पर बंद कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और राज्ये के परिवहन मंत्री जी एस बाली ने घटनास्थल का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दिए जाने की घोषणा की है। परिवहन मंत्री बाली ने हिमाचल सड़क परिवहन निगम से भी एक-एक लाख रुपये अलग से सहायता देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुर्घटना में जान गंवाने वालों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया है।
Pained by the loss of lives due to landslide related accidents in HP’s Mandi district. My condolences with the families of the deceased: PM
— PMO India (@PMOIndia) August 13, 2017