नई दिल्ली. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग स्वास्थ्य को लेकर काफी तनाव में रहते है जिससे अपने ही स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान नहीं रख पाते है. ऐसे में हमारे शरीर का लीवर कैसे सुचारू रूप से काम करेगा. यह एक चिंता का विषय है. इस समस्या से निजाद पाने के लिए सुबह गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीना चाहिए. यह लीवर में रस के उत्पादन को बढ़ाता है. जिससे पाचन क्रिया में मदद मिलती है. क्योंकि नींबू में मौजूद एसिड हमारे पाचन तंत्र में मदद करता है. जिससे अवांछित विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है.
हमारे शरीर में लीवर/यकृत महत्वपूर्ण अंगो में से एक है. यह हमारे पाचन तंत्र से खून को फिल्टर करता है. शरीर में रक्त की आपूर्ति और रक्तचाप से लेकर अन्य समस्त क्रियाओ के लिए यह कार्य करता है. यदि रात में पानी को किसी लोटे या गिलास में रख दिया जाये और सुबह उठ कर उसे पी लिया जाये तो यह लीवर के लिए लाभदायक होता है. उसे पी कर बर्तन को उल्टा रख दें तथा दिन में भी पानी पीने के बाद उस बर्तन (गिलास आदि) को उल्टा रख दें तो इससे लीवर/यकृत या जिगर सम्बन्धी परेशानियां नहीं होती है.
पानी है कई मर्जों की दवा
आज के इस दौर में, जहाँ हमारे देशवासी छोटी-सी-छोटी तकलीफ के लिए बड़ी ही हाईपावर की दवा-गोलियों का इस्तेमाल कर अपने शरीर में जहर घोलते जा रहे हैं, वहीं हमारे ऋषि-महर्षियों द्वारा अनुभव कर प्रकाश में लाया गया एक अत्यधिक आसान प्रयोग, जिसे अपनाकर हमेशा ऐसी बीमारियों से दूर रह सकते है.
नयी तथा पुरानी अनेकों प्राणघातक बीमारियाँ दूर करने का एक ही सरल उपाय है – गिलास में रात का रखा पानी सुबह पीना. प्रतिदिन ऐसा करने से आप अनेक बिमारियों से दूर रह सकते है. वैसे पानी को ताँबे का पात्र में हमेशा विद्युत की कुचालक वस्तु (प्लास्टिक, लकड़ी या कम्बल) के ऊपर रखें. खड़े होकर पानी पीने से आगे चलकर पिण्डलियों में दर्द की तकलीफ होती है. इसलिए पानी को खड़े होकर नही पीना चाहिए. किसी गर्म आसन अथवा विद्युत की कुचालक वस्तु पर बैठकर ही पानी पीयें.
कब्ज, मधुमेह, लकवा, कफ, यकृत के रोग, गर्भाशय का कैंसर, बवासीर, कील-मुहासे एवं फोड़े-फुंसी, मोटापा, मोटापा, क्षयरोग, पेशाब की समस्त बीमारियाँ, मानसिक रोग, दुर्बलता, पेट आदि के रोग के लिए गुनगुने पानी का प्रयोग करें.